पश्चिम बंगाल से अब तक इतने हजार घुसपैठिए निकाले गए, सीएम शुभेंदु अधिकारी बोले- कोलकाता से मुगलों और पठानों का नाम मिटाया जाएगा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के गठन के बाद से घुसपैठियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। शुभेंदु अधिकारी की सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर उनको वापस उनके देश भेज रही है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में बताया कि उनकी सरकार आने के बाद से कितने घुसपैठियों को डिपोर्ट किया गया है। शुभेंदु अधिकारी ने सीमा पर बाड़ के लिए जमीन न देने पर पूर्व सीएम ममता बनर्जी को भी आड़े हाथ लिया। साथ ही सड़कों और इलाकों का नाम बदलने के बारे में भी अहम बयान दिया।
पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में बताया कि उनकी सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद से अब तक 10000 बांग्लादेशी घुसपैठियों को डिपोर्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य के डिटेंशन सेंटर्स में 1800 बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। जिनको वापस भेजा जाना है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य से एक-एक घुसपैठिए को बाहर किया जाएगा। बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए जमीन न दिए जाने पर उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इसी जगह खड़े होकर ममता बनर्जी बीएसएफ की आलोचना करती थीं। उनको पहले जमीन देना चाहिए था। फिर वो आलोचना करतीं।
कोलकाता के सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी स्ट्रीट किए जाने का मुद्दा विधानसभा में टीएमसी विधायकों ने उठाया। इस पर शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि कोलकाता से मुगलों और पठानों का नाम मिटाया जाएगा। शुभेंदु अधिकारी ने इसके लिए एक कमेटी बनाने का भी एलान किया। शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में टीएमसी के बागी विधायकों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग सोच रहे हैं कि जेल जाएंगे और फिर कोर्ट के जरिए जमानत पर बाहर आकर मौज करेंगे, ऐसा नहीं होने दूंगा। शुभेंदु ने कहा कि विधानसभा के सत्र में वो बिल पास कराएंगे। ताकि अपराध करने वालों की संपत्ति भी जब्त की जा सके। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ऐसी संपत्तियों पर वो सड़क पर रहने वालों को घर बनाकर देंगे।
