भगोड़े नीरव मोदी को लंदन हाईकोर्ट से एक और झटका, सारी दलीलें ठुकराकर दिया ये आदेश
लंदन। भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को लंदन के हाईकोर्ट से एक और झटका लगा है। लंदन के हाईकोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया के करीब 100 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। जज साइमन टिंकलर ने फैसले में कहा कि नीरव मोदी ने बैंक को पर्सनल गारंटी दी थी। इस पर्सनल गारंटी के तहत नीरव मोदी को ये रकम चुकानी होगी। जज ने नीरव मोदी की ओर से दी गई दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नीरव मोदी के पास इसका जवाब नहीं कि बैंक को उसकी रकम क्यों नहीं मिलनी चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि ये साफ है कि नीरव मोदी तक नोटिस पहुंचे थे। एक नोटिस तो लंदन की उस जेल में भेजा गया, जहां नीरव मोदी को रखा गया है। कोर्ट ने ये भी कहा कि साल 2018 में घोटाला की जानकारी के खुलासे के बाद नीरव मोदी ने खुद बैंक को ई-मेल के जरिए बताया था कि मीडिया में खबरें आने और फिर छानबीन के कारण उसकी कंपनियों का काम बंद हो गया है। जिसकी वजह से वो बैंकों की बकाया रकम नहीं चुका पा रहा। बता दें कि बैंक ऑफ इंडिया ने जुलाई 2012 में नीरव मोदी की दुबई स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड को इस शर्त पर कर्ज दिया कि अगर कंपनी इस रकम को वापस नहीं करेगी, तो नीरव मोदी करेगा।
साल 2018 की शुरुआत में खबर आई कि नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक में बड़ा घोटाला किया। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया ने नीरव मोदी को दिया कर्ज वापस मांगना शुरू किया। बैंक ने 2018 के मार्च और अप्रैल महीने में नीरव और उसकी कंपनी को नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नीरव मोदी ने कोर्ट में दलील दी कि बैंक की तरफ से भेजा गया कोई नोटिस उसे नहीं मिला। नीरव मोदी ने ये भी कहा कि वो उस वक्त भारत में नहीं था। जिसकी वजह से नोटिस नहीं मिला। नीरव मोदी के इन बहानों को लंदन हाईकोर्ट के जज ने दरकिनार कर दिया। नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को भी ब्रिटेन की सरकार और अदालतों से मंजूरी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि जल्दी ही उसे भारत भेज दिया जाएगा।
