महाराष्ट्र में 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के 65 वर्षीय दोषी को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नसरापुर में 3 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने वाले 65 साल के भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह घटना 1 मई, 2026 को हुई थी और पूरे मामले की सुनवाई पुणे की स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की गई। अदालत ने दो महीने के अंदर में इस केस में फैसला सुना दिया। जज एसआर सालुंके ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता और मकसद को देखते हुए आरोपी मौत की सजा का हकदार है। अदालत ने 25 जून को भीमराव कांबले को दोषी करार दिया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी में अपने किए पर पश्चाताप के कोई संकेत नहीं दिखे उसके सुधरने की भी कोई उम्मीद नहीं है।
पीड़ित पक्ष के वकील विपुल दुशिंग ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी को तीन अलग सेक्शंस में दोषी करार देते हुए तीन दफा फांसी देने के आदेश दिए। अदालत ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस की श्रेणी में इसे रखा। बता दें कि 1 मई को नसरापुर गांव में अपनी दादी के घर के बाहर खेल रही लगभग 3 साल की बच्ची को 65 साल के भीमराव कांबले बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पास की एक गौशाला में ले जाकर उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। बच्ची की गुमशुदगी के बाद ग्रामीणों ने उसकी तलाश की तो गोशाला में उसका शव मिला। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान हुई और उसके पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।
इसके बाद गुस्साए लोगों ने न्याय और दोषी को सजा दिलाने की मांग करते हुए हाईवे जाम कर दिया। इसके बाद जांच के लिए एसआईटी बनाई गई। फिर सरकार ने इस केस को स्पेशल फास्ट ट्रैक अदालत में चलाने का निर्णय लिया। पुलिस ने महज 15 दिनों के भीतर 1,200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। अदलाता ने रोजाना सुनवाई करते हुए 55 गवाहों के बयान दर्ज किए और 21 जून को अंतिम बहस पूरी की। इसके बाद 25 जून को भीमराव कांबले को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का दोषी करार दिया जिसे आज सजा सुना दी।
