राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू, चोरी के बाद सख्त किए गए नियम
अयोध्या। भगवान रामलला के मंदिर में चंदा चोरी की घटना से श्रद्धालुओं को बड़ा झटका लगा था। साथ ही इस मामले में सियासत भी गर्माई। अब अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे में आने वाली रकम की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था की है। मंदिर में चढ़ावा आने से लेकर बैंक में जमा कराने तक के लिए ये व्यवस्था लागू की गई है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि पहले ही कह चुके हैं कि आने वाले दिनों में राम मंदिर के श्रद्धालु ऑनलाइन सारा हिसाब-किताब देख सकेंगे।
अमर उजाला अखबार की खबर के मुताबिक राम मंदिर में दान की रकम गिनने वाले कर्मचारियों की वर्दी में अब कोई जेब नहीं है। जहां रकम गिनी जाती है, वहां पहुंचने और निकलने पर कर्मचारियों की तलाशी होती है। खबर में बताया गया है कि चढ़ावे की गिनती का सीसीटीवी फुटेज अब 180 दिन तक सुरक्षित रखने का फैसला हुआ है। पहले 45 दिन रखा जाता था। इसके अलावा घूमने और जूम करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। दान की रकम गिनने वाली जगह 13 नए कैमरे लगे हैं। 27 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे की रकम का हिसाब सीए की निगरानी में और पूरी तरह डिजिटल रखने का फैसला किया है। राम मंदिर के लिए स्थायी सीए नियुक्त कर उनकी टीम बनाई गई है। जानकारी के मुताबिक एसबीआई ने राम मंदिर में चढ़ावा की रकम की गिनती के लिए संविदा की जगह अपने कर्मचारी तैनात किए हैं। मंदिर से एसबीआई के वाहन में ही रकम को बैंक भेजा जाता है। हर चरण का वीडियो बनता है। साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट ने तय किया है कि कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका, चीफ इंजीनियर जगदीश आफले और सीए के संयुक्त हस्ताक्षर से ही लेन-देन का काम होगा। राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय और सदस्य पद से डॉ. अनिल मिश्र को इस्तीफा तक देना पड़ा।
