1.75 लाख के 19 चालान, कोई सेफ्टी उपकरण भी नहीं, यमुना एक्सप्रेस-वे पर आग का गोला बनी स्लीपर बस का कच्चा चिट्ठा
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बस दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर एसी बस में आग लगने की घटना और 9 यात्रियों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएम ने मृतकों के शोकाकुल परिजनों तथा घायलों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है। पीएम मोदी ने इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। साथ ही मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये दिए जाने की बात कही है। वहीं घटना से संबंधित कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।
घटना से संबंधित एफआईआर के मुताबिक, बस यात्रियों ने चालक से कहा था कि कुछ जलने की बदबू आ रही है इसके बावजूद ड्राइवर ने बस नहीं रोकी। कुछ देर बाद ही बस में अचानक आग लग गई जो देखते ही देखते पूरी बस में फैल गई। वहीं जिस बस में आग लगी उस पर 1.75 लाख रुपये के 19 चालान होने का भी पता चला है जो ओवर लिमिट और परमिट उल्लंघन से जुड़े थे। इसके अलावा जनवरी 2026 में कम उम्र के चालक द्वारा बस चलाने का भी एक चालान हुआ था। बस में किसी प्रकार के कोई सेफ्टी उपकरण भी नहीं थे। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ड्राइवर और कंडक्टर चलती बस में स्मोकिंग कर रहे थे।
आपको बता दें कि इस घटना से एक बार फिर स्लीपर बसों और उसमें सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी स्लीपर बस से जुड़े ऐसे ही कई हादसों में बहुत से लोग असमय अपनी जान गंवा चुके हैं। इन स्लीपर बसों की अंदर से बनावट इतनी संकरी होती है कि आपात स्थिति में लोग निकल नहीं पाते और फंसे रह जाते हैं।
