फिल्म समीक्षक जय प्रकाश चौकसे का निधन
नई दिल्ली। देश के जाने-माने फिल्म समीक्षक जय प्रकाश चौकसे का 83 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने इंदौर में अंतिम सांस ली। बीते कई दिनों से वो काफी बीमार चल रहे थे। हालांकि बीमारी के बावजूद भी वो अपने लेख लिखते रहे। चार दिनों पहले ही उन्होंने अपने लोकप्रिय कॉलम ‘पर्दे के पीछे’ में दिल को छू जाने वाला लेख लिखा था। उनके आखिरी लेख का शीर्षक था, ‘प्रिय पाठकों… यह विदा है, अलविदा नहीं, कभी विचार की बिजली कौंधी, तो फिर रूबरू हो सकता हूं, लेकिन संभावनाएं शून्य हैं।’ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज शाम 5 बजे इंदौर के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म समीक्षक जयप्रकाश चौकसे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। फिल्म जगह के encyclopedia कहे जाने वाले जय प्रकाश चौकसे सिर्फ फिल्म समीक्षक नहीं थे बल्कि एक स्थापित उपन्यासकार और लेखक भी थे। चौकसे ने कई उपन्यास लिखे हैं, जिसमें ‘ताज बेकरारी का बयान’, ‘महात्मा गांधी, सिनेमा’ और ‘दराबा’ शामिल है। दैनिक भास्कर अखबार में उनका कॉलम ‘पर्दे के पीछे’ खासा लोकप्रिय माना जाता था। इसके अलावा उन्होंने राज कपूर के जीवन पर आधारित एक किताब भी लिखी है, जिसका शीर्षक है ‘राजकपूर: सृजन प्रक्रिया’। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।
चौकसे ने फिल्म निर्माण से लेकर कई रियलिटी शो के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग की है। इसके अलावा वो फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस से भी जुड़े रहे। उन्होंने सलमान खान स्टारर फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ की कहानी भी लिखी थी, जो बॉक्सऑफिस पर धमाकेदार साबित हुई थी।
