अबु धाबी। बड़ा खतरा उठाकर दुबई से तेल अवीव की उड़ान में सवार 180 लोगों की जान बचाने के लिए भारतीय मूल के पायलट स्मित मछार को यूएई ने ‘ऑर्डर ऑफ जायद II’ से सम्मानित किया है। कैप्टन स्मित मछार से यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाह्यान ने मुलाकात की। राष्ट्रपति ने स्मित को गले लगा लिया। कैप्टन स्मित मछार को ये सम्मान दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम ने दिया।
स्मित मछार को यूएई का सम्मान देते वक्त देश के उप प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री भी मौजूद थे। इस दौरान फ्लाईदुबई की उस उड़ान के अन्य क्रू मेंबर्स को भी सम्मानित किया गया। यूएई के नेताओं ने फ्लाईदुबई की उड़ान में बहादुरी दिखाने वाले सभी क्रू मेंबर्स की जमकर सराहना की। स्मित मछार 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहे थे। उड़ान भरने के कुछ वक्त बाद ही उनके को-पायलट हमाम अल-हमामी ने शीशा तोड़ने वाली कुल्हाड़ी लेकर स्मित के सिर और गर्दन पर पीछे से वार किए थे। हमाम का इरादा स्मित की जान लेने के बाद विमान को इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट से टकराकर बड़ा आतंकी हमला करना था।
हमाम अल-हमामी के हमले में बुरी तरह घायल होकर कैप्टन स्मित मछार कॉकपिट में गिर पड़े थे। उनका खून बह रहा था। इसके बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। जिसके बाद विमान में सवार इजरायल के यात्रियों में से कुछ भागकर पहुंचे और हमाम अल-हमामी को पकड़ लिया। विमान में सवार एक इजरायली ने विमान को उड़ाना जारी रखा और उसे सकुशल सऊदी अरब में लैंड कराया। जिसके बाद स्मित मछार को काफी दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। स्मित मछार ने पीएम नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत भी की थी। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतनयाहू ने भी उनसे बात कर बहादुरी की सराहना की थी। स्मित मछार की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा हुई और उनके काम को हर किसी ने सराहा।
