नई दिल्ली। जेडीयू से निकाले जाने के बाद बिहार की मोकामा विधानसभा के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्या मामले में अनंत सिंह को मिली जमानत को रद्द कर दिया है और आरोपी विधायक को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने बिहार पुलिस को यह निर्देश दिया है कि वो चार महीने में जांच पूरी करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हत्या के मामले को सिर्फ राजनीतिक विवाद के रूप में देखना गलत है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच के समक्ष अनंत सिंह के वकील ने बताया कि विधायक की बेटी की 25 नवंबर को शादी है, इस पर कोर्ट ने कहा कि वो 1 दिसंबर तक अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर जेल लौटें। इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को इस मामले में जमानत दी थी। बिहार पुलिस ने पटना हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनंत सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से संबंधित 62 आपराधिक मामलों का जिक्र किया गया।
आपको बता दें कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। इस हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगा और उनको गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में मार्च 2025 में उनको पटना हाईकोर्ट से बेल मिल गई थी। अनंत सिंह ने जेल से ही विधानसभा चुनाव लड़ा था और मोकामा सीट से जीत हासिल की थी। अभी हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में अनंत सिंह और उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को जेडीयू से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
