दिल्ली

मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस से 5 उपाध्यक्ष समेत 60 सस्पेंड, राहुल गांधी की रामलीला मैदान रैली में नहीं गए थे

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भोपाल। मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस ने अपने 60 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वालों में 5 उपाध्यक्ष, 9 जिलाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव हैं। इन सभी पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई राहुल गांधी की रैली में शामिल न होने का आरोप है। सभी पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया गया है।

मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस ने पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया पर दी है। पोस्ट में सबके नाम की लिस्ट देते हुए कहा गया है कि भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान दिल्ली में वोट चोरी रैली में गैरमौजूद रहने की वजह से हुए संगठनात्मक अनुशासनहीनात को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के निम्नलिखित पदाधिकारियों को अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है। मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के नेताओं को रैली में न जाने पर सस्पेंड करने से ये संकेत भी मिल रहा है कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के आदेश तक कांग्रेस के स्थानीय स्तर के नेता और कार्यकर्ता नहीं मान रहे।

वहीं, बीते दिनों कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आईसा की नेता नेहा बोरा को राहुल गांधी ने जिस तरह आगे कर रखा है, उससे एनएसयूआई में नाराजगी हुई थी। खबर में दावा किया गया था कि एनएसयूआई के नाराज नेताओं ने वाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर ‘वी द छोटू’ कर लिया था। खबर में बताया गया था कि नाराज नेताओं की राहुल गांधी के साथ बैठक हुई थी। जिसके बाद ग्रुप का नाम पहले जैसा कर दिया गया। राज्यों में कांग्रेस के संगठन में कमजोरी की बात हमेशा सामने आती रहती है। कांग्रेस के तमाम वयोवृद्ध नेता भी ये आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी आलाकमान उनकी नहीं सुनता और राहुल गांधी से मिलने में भी दिक्कत होती है। ऐसे में मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों को सस्पेंड करने से राज्य में पार्टी के लिए और दुष्कर परिस्थिति भी बन सकती है।

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