महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में मार गिराए 13 नक्सली
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ने मुठभेड़ में कम से कम 13 नक्सलियों को मार गिराया हैं। बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस की सी-60 यूनिट और नक्सिलयों के बीच मुठभेड़ हुई। गढ़चिरौली के डीआईजी संदीप पाटिल ने इसकी जानकारी दी है।
अबतक एटापल्ली के जंगल से कम से कम छह नक्सलियों के शव बरामद हो चुके हैं। इलाके में अभी पुलिस टीम का तलाशी अभियान चल रहा है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाका छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ है। इससे पहले 13 मई को नक्सल विरोधी अभियान में 2 नक्सली मारे गए थे।
थाना उड़ाने का नक्सलियों ने किया था प्रयास
नक्सलियों ने पिछले महीने गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली तालुका के गुट्टा पुलिस थाने पर ग्रेनेड फेंका था। विस्फोट नहीं होने के कारण हादसा टल गया। हालांकि, नक्सलियों द्वारा थाने को उड़ाने की कोशिश को एक बड़ी घटना माना जा रहा था। माना जा रहा है कि इसी के बाद C-60 कमांडोज ने यह कार्रवाई की है।
कौन हैं C-60 एंटी नक्सल कमांडो
गढ़चिरौली जिले की स्थापना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां बढ़ गई थीं। इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्कालीन SP केपी रघुवंशी ने 1 दिसंबर 1990 को C-60 की स्थापना की। उस वक्त इस फोर्स में सिर्फ 60 विशेष कमांडो की भर्ती हुई थी, जिससे इसे यह नाम मिला। नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए गढ़चिरौली जिले को दो भागों में बांटा गया। पहला उत्तर विभाग, दूसरा दक्षिण विभाग।
प्रशासनिक कामकाज भी करते हैं C-60 कमांडो
इन कमांडो को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें दिन-रात किसी भी समय कार्रवाई करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, NSG कैंप मनेसर, कांकेर, हजारीबाद में होती है। नक्सल विरोधी अभियान के अलावा ये जवान नक्सलियों के परिवार, नाते-रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का काम भी करते हैं। नक्सली इलाकों में ये प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी भी जुटाते हैं।
