शिंदे गुट ने उद्धव के साथी 15 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की दी अर्जी, बालासाहेब का नाम लेकर आदित्य ठाकरे पर किया ये अहसान
मुंबई। महाराष्ट्र शिवसेना में मचा संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज कुछ न कुछ होता रहता है। ताजा घटनाक्रम में विधानसभा में बहुमत हासिल करने के बाद एकनाथ शिंदे कैंप की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष को शिवसेना के उन 15 विधायकों की लिस्ट भेजी गई है, जिन्होंने व्हिप के बाद भी पक्ष में वोट नहीं दिया। शिवसेना विधायक दल के व्हिप भरत गोगावले ने ये चिट्ठी भेजकर विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। भरत गोगावले ने ये जानकारी सोमवार रात दी। उन्होंने अहसान जताने के अंदाज में कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के प्रति सम्मान के कारण उन्होंने अभी उनके पौत्र और उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे के खिलाफ पत्र नहीं भेजा है।
बता दें कि कल महाराष्ट्र विधानसभा में शिंदे सरकार ने विश्वासमत प्रस्ताव जीता था। सरकार के पक्ष मे 164 और विपक्ष में सिर्फ 99 वोट पड़े थे। जबकि, कई विधायक सदन में नहीं आए थे। इससे एक दिन पहले रविवार को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के दौरान विपक्ष के वोटों की संख्या 107 रही थी। सदन में विश्वासमत हासिल करने के बाद विशेष सत्र खत्म होते ही भरत गोगावले ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को विपक्ष को वोट देने वाले शिवसेना विधायकों की सदस्यता रद्द करने की चिट्ठी भेजी। इस पर जल्दी ही सुनवाई होने और विधायकों की सदस्यता रद्द किए जाने के भी आसार हैं। आदित्य ठाकरे समेत सभी 16 विधायक अब भी उद्धव ठाकरे के साथ हैं।
विश्वासमत प्रस्ताव के एक दिन पहले रविवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना विधायक दल का फिर से नेता घोषित कर दिया था। उन्होंने इस बारे में एक पत्र के आधार पर ये फैसला किया था। इसके साथ ही शिवसेना विधायक दल का व्हिप भी भरत गोगावले को माना गया था। इससे उद्धव ठाकरे की तरफ से शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर अजय चौधरी और व्हिप के तौर पर सुनील प्रभु की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी।
