सीनियर सिटीजंस को तोहफा देने की तैयारी में रेलवे!, फिर मिल सकती है ये छूट
नई दिल्ली। जब भी कहीं लंबी दूरी की यात्रा पर जाना होता है तो ज्यादातर लोग ट्रेन को चुनाव करते हैं। ट्रेन का सफर सुहावना होने के साथ थी कम बजट का भी होता है। ऐसे में हर आम इंसान प्लेन की जगह ट्रेन का सफर करना ज्यादा सुविधाजनक मानता है। रेलवे की तरफ से सीनियर सिटीजंस, खिलाड़ियों और अन्य कैटेगरी के यात्रियों को पहले किराए में राहत दी जाती थी हालांकि बीते दिनों रेलवे की तरफ से दी जाने वाली इन रियायतों को देने से इनकार कर दिया था लेकिन अब माना जा रहा है कि एक बार फिर सरकार लोगों में बनीं नाराजगी और की गयीं तमाम आलोचनाओं के बाद इसमें छूट देने जा रही है। हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि कुछ बदले हुए नियमों के साथ ये राहत दी जाएगी।
क्यों नहीं देना चाहती सरकार टिकट पर राहत
रियायती दर पर रेल टिकट देने की सेवा शुरू करने से इनकार करने के पीछे लोगों की तो नाराजगी देखने को मिल रही है लेकिन सरकार का इसपर कहना है कि पहले से ही रेलवे के पैसेंजर सेगमेंट का किराया काफी कम है साथ ही अलग-अलग कैटेगरी के लोगों को रियायती टिकट देने के बाद रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किराया कम होने की वजह से रेलवे को हर रेल यात्री के औसत किराया का 50% भार झेलना पड़ रहा है। खासकर कोरोना के समय पर रेलवे की वित्तीय सेहत पर असर पड़ा है। ऐसे में अब रेलवे को और नुकसान न हो इसलिए सरकार दोबारा टिकट में राहत देने के पक्ष में नहीं है।
अब सेवा फिर से शुरू करने का है प्लान
वहीं, अब जो इस मामले में ताजा अपडेट है वो ये है कि सरकार फिर से कोरोना काल के समय बंद हुए सीनियर सिटीजन और खिलाड़ियों समेत दूसरे कैटेगरी के यात्रियों को रियायती टिकट की सेवा शुरू करने का प्लान बना रही है। सरकार का इस रियायत को देने का मन इसलिए भी बनता दिख रहा है क्योंकि इसपर रोक लगाने के फैसले से सरकार को लोगों की खूब आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं विरोध और आलोचनाओं को देखते हुए अब रेलवे वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायतें बहाल करने पर विचार कर रहा है। हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि ये केवल सामान्य और शयनयान श्रेणी के लिए हो।
सीनियर सिटीजन को रेल किराए में फिर मिलेगी राहत!
सूत्रों की मानें तो सरकार के नए नियम में आयु मानदंड समेत कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि सरकार रियायती किराए की सुविधा 70 साल से ऊपर के लोगों को किराए पर राहत दे सकती है जो कि पहले 58 साल की महिलाओं और 60 साल के पुरुषों को मिलती थी। सूत्रों से जो संकेत मिल रहे हैं इसके पीछे का मुख्य कारण बुजुर्गों के लिए सब्सिडी बनाए रखते हुए इन रियायतों को देने से रेलवे पर पड़ने वाले वित्तीय भार को बैलेंस (समायोजन) करना माना जा रहा है।
कब से बंद है सुविधा?
2020 में आई कोरोना वायरस महामारी के दौरान रेलवे की तरफ से दी जाने वाली इस सुविधा बंद कर दी गया था। ये राहत 58 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों को दी जाती थी। इस योजना के तहत महिलाएं 50 प्रतिशत छूट के लिए पात्र होती थीं तो वहीं, पुरुष और ट्रांसजेंडर सभी श्रेणियों में 40 प्रतिशत छूट का लाभ के पात्र थे। वहीं, अब ये बताया जा रहा है कि रेलवे जिस एक और प्रावधान पर विचार कर रहा है, वो है रियायतों को केवल गैर-वातानुकूलित श्रेणी की यात्रा तक सीमित करना। अब देखना होगा कि आने वाले वक्त में सरकार इस रियायत को किन नियमों और बदलावों के साथ पेश करता है।
