June 18, 2026

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Bihar: RJD से हाथ मिलाने के बाद नीतीश को लगा एक तगड़ा झटका, राजद खेमे में मची खलबली

नई दिल्ली। जरा याद कीजिए। उन दिनों को जब बिहार में राजनीतिक उठापटक चल रही थी। राजद से लेकर जदयू….जदयू से लेकर बीजेपी तक में खलबली मची हुई थी…सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। इसी बीच नीतीश कुमार ने बीजेपी को गच्चा देकर राजद संग सरकार बनी ली। वहीं, नीतीश कुमार ने वैसे तो बीजेपी संग अपने रिश्ते तोड़ने के बारे में कई बातें कहीं थी। कभी कहा बीजेपी जदयू को तोड़ने की कोशिश कर रही है, तो कभी कहा कि बीजेपी संग सरकार नहीं चला सकते हैं। अब इनका हस्तक्षेप ज्यादा बढ़ चुका है, लेकिन इस बीच नीतीश कुमार की ओर से एक बड़ी कही गई थी। जिसके कई सियासी मायने राजनीतिक गलियारों में निकाले गए थे।

दरअसल, नीतीश कुमार ने मीडिया से मुखातिब होने के क्रम में कहा था कि हमने सभी जदयू विधायकों की सहमति के उपरांत बीजेपी से अपने गठबंधन को तोड़ने के बाद राजद संग सरकार बनाने का फैसला किया है, लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब से नीतीश कुमार ने राजद संग सरकार बनाई है, तभी से जदयू में जारी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे एक बात तो साफ जाहिर होता है कि जदयू में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कुछ तो है ऐसा जो नीतीश कुमार मीडिया को बताने से गुरेज कर रहे हैं। हम यह बात इतने दावें से इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि अब इसी सियासी तूफान के बीच जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता निखिल मंडल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

अब बेशक वे अपने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत बता रहे हों, लेकिन सियासी पंडितों की मानें तो उनके इस्तीफे में कई बड़े राज छुपे हुए हैं। वो इसलिए क्योंकि जब से नीतीश ने बीजेपी को गच्चा देकर राजद संग हाथ मिलाया है, तब से पार्टी गतिविधियों में निखिल मंडल निष्क्रिय हो गए। पहले कभी अपनी सक्रियता से राजनीतिक गलियारों में जदयू के धुरी माने जाने मंडल अब जदयू से साइडलाइन हो रहे हैं। जिसके कई सियासी मायने हैं। दरअसल, जिस राजद के साथ नीतीश ने हाथ मिलाया है। मंडल उसी राजद के कटु आलोचकों में से रहे हैं। मंडल हमेशा ही राजद परिवार पर लगे घोटाले को लेकर लालू यादव को घेरने में सबसे आगे रहे हैं। इतना ही नहीं, नीतीश कुमार में शिक्षा मंत्री का पद संभालने वाले डॉ चंद्रशेखर को भी आड़े हाथों लेने में भी सबसे आगे रहे हैं।

बता दें कि विगत बिहार विधानसभा चुनाव में मंडल ने राजद प्रत्याशी के चंद्रशेखर के विरुद्ध चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। अब ऐसी स्थिति में जब नीतीश कुमार ने राजद संग सरकार बनाई है, तो मंडल के लिए अब बतौर प्रवक्ता काम करना आसान नहीं रहेगा। बता दें कि मंडल साल 2016 से जदयू प्रवक्ता के पद पर काबिज रहे थे। अब ऐसे में अपने पद से इस्तीफा देने के बाद उनका अगला कदम क्या रहता है।

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