असम में मिया परिषद का म्यूजियम सील, दो गिरफ्तार, आतंकियों से रिश्तों का है आरोप
गोआलपाड़ा। असम पुलिस ने गोआलपाड़ा में स्थापित मिया संग्रहालय को सील कर दिया है। असम मिया परिषद के अध्यक्ष मोहर अली और अब्दुल बातेन इस मामले में गिरफ्तार किए गए हैं। दोनों को लखीपुर से गिरफ्तार किया गया है। संगठन के आतंकियों से रिश्तों की जांच हो रही है। असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमान ने संगठन की फंडिंग पर सवाल उठाए थे। जिसके बाद ये कार्रवाई हुई है। असम के स्पेशल डीजीपी जीपी सिंह ने संगठन पर कार्रवाई के मामले में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किया गया मोहर अली गोआलपाड़ा और अब्दुल बातेन धुबरी जिले के रहने वाले हैं। दोनों से संगठन की फंडिंग के मामले में पूछताछ की गई है। खास बात ये कि मिया म्यूजियम को पीएम आवास योजना के तहत मिले मकान में ही खोल दिया गया था।
जीपी सिंह के मुताबिक असम मिया परिषद के अंसारुल्लाह बांग्ला टीम से संबंध होने के भी आरोप हैं। गिरफ्तार दोनों लोगों पर यूएपीए और साजिश रचने की धारा के अलावा अन्य कठोर धाराएं लगाई गई हैं। जीपी सिंह के मुताबिक अल-कायदा से भी मिया परिषद के संबंध होने का शक है। इस मामले में भी जांच जारी है। बता दें कि असम में पिछले कुछ समय से आतंकियों से रिश्ते होने के वजह से तमाम कार्रवाई की गई है। कई जगह सरकार ने आतंकी संगठनों से रिश्ते के आरोप में मदरसों को भी बुलडोजर से ढहा दिया था। एक जगह स्थानीय मुसलमानों ने ही मदरसा गिराया था।
सीएम बिस्व सरमा ने साफ कर दिया है कि असम में किसी भी आतंकी संगठन को पनपने नहीं दिया जाएगा। उनकी सरकार ने अन्य राज्यों से असम में आने वाले मौलवियों और इमामों को भी सरकारी पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने के आदेश दे रखे हैं। इन मौलवियों और इमामों को असम आने की मंजूरी देने से पहले सरकार उनके बारे में छानबीन कराती है। असम सरकार के इन कदमों का स्थानीय लोगों ने स्वागत भी किया था।
