‘मैं नीतीश कुमार का साथ छोड़कर नहीं जाऊंगा’, कहने वाले जीतनराम मांझी ने क्यों लिया यूटर्न?
नई दिल्ली। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतनराम मांझी के बेटे सुमन मांझी ने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद सवाल उठे कि क्या वे अब महागठबंधन से भी अलग होंगे, लेकिन उन्होंने मीडिया को दिए बयान में स्पष्ट कर दिया है कि वो गठबंधन में बने रहेंगे। वहीं, अब यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि जीतनराम मांझी नीतीश का साथ छोड़कर बीजेपी के पाले में शामिल हो सकते हैं, लेकिन संतोष मांझी का कहना है कि वह महागठबंधन में ही रहेंगे। वहीं, बिहार की राजनीति को गहराई से समझने वाले लोगों का कहना है कि जीतनराम मांझी के बेटे ने अपने इस्तीफे से नीतीश की टेंशन बढ़ा दी है। अब उन्हें इस बात की चिंता सताने लगी है कि अगर मांझी ने बीजेपी का दामन थामा तो निसंदेह उनके गठबंधन पर संकट के बादल मंडराना शुरू हो जाएंगे।
ध्यान दें कि इससे पहले एक जनसभा को संबोधित करने के क्रम में सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि अब इन लोगों की नजर जीतनराम मांझी पर है, जिसके जवाब में हम प्रमुख ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए. हम नीतीश को छोड़कर नहीं जाएंगे, लेकिन मांझी ने अपने इस बयान के 107 दिन बाद ही यूटर्न ले लिया। उनके बेटे ने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया द्वारा उनसे इस्तीफे के वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें अपनी पार्टी का विलय जदयू में कराने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर उनकी असहमति थी, लिहाजा उन्होंने इस्तीफा देना मुनासिब समझा। इसके बाद जब उनसे बीजेपी के पाले में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया, तो इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल हम अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम कहीं नहीं जाएंगे। फिलहाल हम अपनी पार्टी को महफूज ऱखना चाहते हैं।
इसका हम विलय नहीं चाहते हैं, लेकिन उनके इस बयान पर आंख मूंदकर विश्वास करना मुनासिब नहीं रहेगा, क्योंकि एक बात तो साफ हो चुकी है कि उनके दिमाग में कुछ ना कुछ जरूर चल रहा है, जिसे वो आगामी दिनों में मूर्त रूप दे सकते हैं। ध्यान दें कि बीते दिनों उनकी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया था कि उन्होंने शाह के समक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर औरमाउंटेन मैन दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग की है। वहीं, सुमन मांझी ने अपने इस मुलाकात को राजनीतिक बताने से इनकार कर दिया था, लेकिन शाह से मुलाकात के बाद चंद दिनों बाद उनके इस्तीफे ने निसंदेह नीतीश की टेंशन बढ़ा दी है।
पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार तमाम विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन सियासी पंडितों का कहना है कि जीतनराम मांझी के बेटे समुन मांझी के इस्तीफे ने नीतीश कुमार की विपक्षी दलों की एकजुटता की कवायद पर पानी फेर दिया है, जिसके बाद बीजेपी भी सुशासन बाबू पर हमलावर हो चुकी है। सनद रहे कि बीते दिनों नीतीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़कर तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के साथ मिलकर सरकार बनाई थी, जिसमें हम भी शामिल थी। इसके बाद बीजेपी ने बयान जारी कहा था कि अब नीतीश कुमार के लिए बीजेपी के दरवाजे हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिए गए हैं।
