May 13, 2026

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‘देश के संसाधनों पर पहला हक….’, जातीय जनगणना पर PM मोदी ने खोला सबका काला चिट्ठा

नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले जिस तरह से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातीय जनगणना का शिगूफा छोड़ दिया है, उसके बाद से देशभर में राजनीतिक बवंडर देखने को मिल रहा है। बीजेपी इसे नीतीश सरकार का ढकोसला बता रही है, तो नीतीश सरकार इसे अपने द्वारा चले गए सियासी दांव के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या उनका यह दांव आगामी दिनों में कारगर साबित हो पाएगा? क्या उनका यह दांव उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में जीत की दहलीज पर पहंचा पाएगा? फिलहाल इस पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं रहेगा, लेकिन उससे पहले प्रधानमंत्री मोदी दो बार जातीय जनगणना पर अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक मंच से व्यक्त कर चुके हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह पूरा माजरा गंभीर है, लिहाजा इसे हल्के में लेना उचित नहीं रहेगा। वजह है, पीएम मोदी का इस पर दो बार रिएक्शन आना, तो आइए जानते हैं कि इस बार प्रधानमंत्री ने क्या कुछ कहा है?

दरअसल, चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक जनसभा को संबोधित करने के क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने नीतीश सरकार द्वारा जारी किए गए जातीय जनगणना के आंकड़े पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पीएम मोदी ने कहा कि, ‘”कल से, कांग्रेस नेता कह रहे हैं ‘जितनी आबादी, उतना हक’… मैं सोच रहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह क्या सोच रहे होंगे। वह कहते थे कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है… लेकिन अब कांग्रेस कह रही है कि समुदाय की आबादी तय करेगी कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार किसका होगा… तो अब क्या वे (कांग्रेस) अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कम करना चाहते हैं? क्या वे अल्पसंख्यकों को हटाना चाहते हैं? .. तो क्या सबसे बड़ी आबादी वाले हिंदुओं को आगे आना चाहिए और अपने सभी अधिकार लेने चाहिए?… मैं दोहरा रहा हूं कि कांग्रेस पार्टी अब कांग्रेस के लोगों द्वारा नहीं चलाई जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपना मुंह बंद करके बैठे हैं, न तो उनसे पूछा जाता है, न ही वे यह सब देखने के बाद बोलने की हिम्मत करते हैं। अब कांग्रेस को आउटसोर्स कर दिया गया है…”

बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने ग्वालियर में जनसभा को संबोधित करने के क्रम में विपक्षी दलों पर निशाना साधा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्षी दल देश की राजनीति को जातियों के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है, जो कि उचित नहीं है। सार्वजनिक मंच से यह पीएम मोदी का दूसरा रिएक्शन है। बीजेपी इसे बिहार सरकार का ढकोसला बता रही है।

सनद रहे कि बीते सोमवार को नीतीश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर जातीय जनगणना के सर्वे जारी किए जिसके बाद से राजनीतिक बवंडर का दौर जारी है। उधर, आज नीतीश कुमार ने आज इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बहरहाल, अब इस बैठक में क्या कुछ फैसला लिया जाता है। अब आगामी दिनों में नीतीश कुमार क्या कुछ कदम उठाते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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