तमिलनाडु विधानसभा में सीएम थलापति विजय ने साबित किया बहुमत, फ्लोर टेस्ट में 144 विधायकों का मिला समर्थन
नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया है। फ्लोर टेस्ट में विजय की पार्टी टीवीके को 144 विधायकों ने समर्थन दिया। विश्वासमत के विरोध में 22 वोट पड़े जबकि 5 विधायक अनुपस्थित रहे। मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया और मतदान में हिस्सा नहीं लिया। एआईएडीएमके नेता पलानीस्वामी ने टीवीके का विरोध किया जबकि एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके के बागी गुट ने टीवीके के पक्ष में वोटिंग की। बीजेपी के एक मात्र विधायक ने तटस्थ की भूमिका निभाई। इस तरह से विजय ने आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लिया।
4 विधायकों वाली अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली पीएमके ने वोटिंग में शामिल नहीं हुई। 144 विधायकों के समर्थन से अब टीवीके सरकार मजबूत स्थिति में है। बता दें कि विधानसभा टीवीके के पास पहले से ही कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल को मिलाकर 120 विधायकों का समर्थन था। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने टीवीके के विधायक श्रीनिवास सेतुपति को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया था क्योंकि चुनाव में उनसे सिर्फ एक वोट से हारे उनके प्रतिद्वंद्वी रहे डीएमके उम्मीदवार के.आर. पेरियाकरुप्पन ने याचिका दायर कर चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। हालांकि श्रीनिवास सेतुपति के फ्लोर टेस्ट में भाग न लेने के बाद भी थलापति की सरकार के पास 118 का बहुमत था लेकिन एआईएडीएमके के विधायकों के समर्थन से टीवीके के पास बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा विधायकों का समर्थन हो गया।
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों में से टीवीके को 108 सीटों पर जीत मिली थी। बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा चाहिए था और इसको पूरा करने के लिए विजय ने कांग्रेस के पांच, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के दो-दो सदस्यों के समर्थन वाला पत्र राज्यपाल को सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। जिसके बाद राज्यपाल के निमंत्रण पर विजय ने रविवार 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
