तमिलनाडु में 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना में विजय सरकार ने लगाई शर्त, क्या थलापति पूरे कर सकेंगे बाकी वादे?
चेन्नई। टीवीके चीफ थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के सीएम पद की शपथ लेते ही तीन आदेशों पर दस्तखत किए थे। इनमें 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का आदेश भी है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि तमिलनाडु की जनता को 200 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना में एक शर्त लगाई गई है। बिजली छूट का फायदा सिर्फ उनको ही मिलेगा, जो दो महीने में 500 यूनिट तक ही खर्च करेंगे। अब थलापति विजय की इस शर्त पर सोशल मीडिया में चर्चा शुरू हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि टीवीके चीफ थलापति विजय ने पहले सभी को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था।
तमिलनाडु का सीएम बनने के बाद थलापति विजय ने कहा कि तमिलनाडु सरकार पर 10 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। राज्य का खजाना पूरी तरह खाली है। जिससे सरकार पर असहनीय बोझ पड़ गया है। विजय के इस बयान से ये सवाल भी उठ रहा है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जनता से जो वादे किए, उनको पूरा कैसे करेंगे? थलापति विजय ने टीवीके के घोषणापत्र में वादा किया था कि लड़कियों को शादी के वक्त 8 ग्राम सोना और अच्छी साड़ी दी जाएगी। हर परिवार को साल में रसोई गैस के 6 सिलेंडर मुफ्त मिलेंगे। 60 साल से कम उम्र की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने का भी विजय ने वादा किया था।
इसके अलावा थलापति विजय ने टीवीके के घोषणापत्र में वादा किया था कि तमिलनाडु में बच्चे के पैदा होने पर उसे सोने की अंगूठी दी जाएगी। वहीं, किसानों का 5 लाख तक कर्ज माफ करने और महिलाओं को कारोबार करने के लिए स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज कर्ज देने का वादा भी विजय ने किया था। अब तमिलनाडु का सीएम बनते ही विजय को पता चला है कि राज्य पर कितना भारी-भरकम कर्ज है। सवाल ये है कि जैसे मुफ्त बिजली योजना में विजय ने शर्त जोड़ी है, उसी तरह अपने अन्य वादों में भी क्या वो अब शर्त जोड़कर लागू करेंगे? अगर विजय ने अपने वादे पूरे न किए, तो तमिलनाडु में उनके खिलाफ माहौल बन सकता है। विजय के लिए दिक्कत ये भी है कि उनकी पार्टी टीवीके को खुद का बहुमत हासिल नहीं है। ऐसे में समर्थन की डोर पर उनकी सरकार टिकी हुई है।
