सोने-चांदी पर सरकार ने कस्टम ड्यूटी बढ़ाई, पीएम मोदी ने काफिले में गाड़ियों की संख्या आधी करने का दिया निर्देश
नई दिल्ली। ईरान युद्ध से उपजे संकट के कारण पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों लगातार दो बार देशवासियों से कई कदम उठाने की अपील की थी। पीएम मोदी ने अपनी अपील में देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने के लिए भी कहा था। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल का कम से कम इस्तेमाल की भी पीएम मोदी ने अपील की थी। अब केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। वहीं, पीएम मोदी ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या आधी करने का निर्देश भी दिया है। अन्य सभी मंत्रियों के काफिलों और सरकारी खर्चों में भी कटौती की जानी है।
सरकारी आदेश के तहत सोने और चांदी के आयात पर अब 10 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी के अलावा 5 फीसदी कृषि और विकास सेस देना होगा। इससे पहले सोने और चांदी के आयात पर 6 फीसदी कस्टम ड्यूटी देनी पड़ रही थी। सरकार की ओर से सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाए जाने से दोनों धातुओं की कीमत और बढ़ने वाली है। जिससे इनको खरीदने के लिए लोगों को और रकम खर्च करनी होगी। सोने और चांदी पर बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी 13 मई 2026 से ही लागू कर दी गई है। इसके अलावा दुबई से सोना लाने पर जो छूट मिलती थी, उसे भी सरकार ने खत्म कर दिया है। सरकार के इस कदम से विदेशी मुद्रा भंडार में बचत और चालू खाता घाटा कम होने की उम्मीद है, लेकिन साथ ही सोने और चांदी की तस्करी भी बढ़ने का अंदेशा है।
पीएम मोदी ने बीते दिनों 24 घंटे में ही देशवासियों से सोना न खरीदने, पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल, कार पूलिंग, वर्क फ्रॉम होम, रसायनिक खाद का इस्तेमाल कम करने जैसी कई अपील की थीं। इसकी वजह ये है कि कच्चे तेल, सोने-चांदी, रसायनिक खाद की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी ज्यादा हो गई है। इसकी वजह से इनके आयात पर अरबों डॉलर ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बन रहा है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी करीब 691 अरब डॉलर है।
