उत्तराखंड की तरह अब हिमाचल के जंगलों में लगी आग, अभी तक इतना हुआ नुकसान
नई दिल्ली। उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग के बाद अब हिमाचल प्रदेश के जंगल भी दहकने लगे हैं। आग की 313 घटनाएं अब तक दर्ज की गई हैं। कांगड़ा, सोलन और मंडी के वन क्षेत्रों में आग से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2180.89 हैक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है और इससे 52 लाख 82 हजार 543 रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई है। आग लगने की सबसे अधिक घटनाएं धर्मशाला सर्कल में रिपोर्ट हुई हैं।
जंगलों में करीबन चार किलोमीटर तक आग फैली है, जिसे बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग के रेंज ऑफिसर नीमा छेरिंग और डिप्टी रेंजर नीलम ठाकुर ने बताया कि कई वन्य जीव भी आग की चपेट में आकर मर गए हैं। हिमाचल प्रदेश में आग की गंभीर स्थिति को देखते हुए अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियों को रद कर दिया गया है। रविवार को ऊना जिले के अंब उपमंडल के ठठल, अंब बेला, कलरूही, बणे दी हट्टी, भद्रकाली व पाबड़ा थप्पलां में हुई आग की घटनाओं में वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। उधर, चिंतपूर्णी क्षेत्र के जंगलों में एक सप्ताह से आग की घटनाएं सामने आ रही हैं।
सड़क न होने की वजह से वनों की आग को बुझाने में बड़ी समस्या सामने आती है। जंगलों में अग्निशमन विभाग का वाहन नहीं पहुंच पाता। वन विभाग ने आग बुझाने के लिए ग्रामीण स्तर पर कमेटियां भी गठित हैं, लेकिन उनके प्रयास भी कम पड़ रहे। उधर, उत्तराखंड के जंगलों में आग के विकराल रूप को देखते हुए सेना की मदद ली गई है। सेना के हेलीकाप्टर नदी से जल लेकर आसमान से पानी का छिड़काव कर आग बुझाने के काम में जुटे हैं। अगर स्थिति काबू में न आई तो हिमाचल प्रदेश में भी आग बुझाने के लिए सेना की मदद ली जा सकती है।
