जानिए यौन उत्पीड़न में फंसे प्रज्ज्वल रेवन्ना पर लगी हैं कौन सी धाराएं और दोषी साबित होने पर कितनी हो सकती है सजा
बेंगलुरु। कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने यौन शोषण मामले में आरोपी प्रज्ज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी अब प्रज्ज्वल रेवन्ना से पूछताछ कर यौन शोषण के हर एक मामले के बारे में जानने की तैयारी कर रही है। प्रज्ज्वल रेवन्ना पर एसआईटी ने आईपीसी की धारा 354ए, 354डी, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया है। प्रज्ज्वल रेवन्ना पर यौन शोषण का केस भले ही गंभीर दिखता है, लेकिन दोषी पाए जाने पर सजा की बात करें, तो बहुत कम सजा काटनी होगी।
अब आपको बताते हैं कि यौन शोषण मामले में प्रज्ज्वल रेवन्ना पर जो धाराएं लगी हैं, उनमें कितनी सजा का प्रावधान है। अगर 354ए की बात करें, तो आईपीसी की ये धारा यौन इच्छा के लिए किसी के शरीर को छूने को अपराध बताती है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल की कठोर कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
धारा 354डी में किसी महिला से मिलने के लिए उसकी रजामंदी ने होने पर भी पीछा करना है। इस धारा के तहत भी 3 साल की कैद और जुर्माना लग सकता है। आईपीसी की धारा 506 में जान को खतरे में डालने का केस बनता है। इस धारा में 2 साल कैद या जुर्माना लग सकता है। वहीं, धारा 509 में किसी महिला के अपमान के लिए निजता का उल्लंघन का मामला बनता है। इसके लिए 3 साल की कैद और जुर्माना हो सकता है।
कर्नाटक पुलिस की एसआईटी का कहना है कि प्रज्ज्वल रेवन्ना ने 3000 महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया। एसआईटी का ये भी कहना है कि प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ महिलाओं ने गवाही भी दी है। ऐसे में फिलहाल तो प्रज्ज्वल के खिलाफ मामला पुख्ता दिख रहा है। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या होगा, ये अभी नहीं कहा जा सकता। साथ ही प्रज्ज्वल रेवन्ना ने कर्नाटक की हासन सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा है। अगर उनको यौन उत्पीड़न में सजा हो जाती है, तो प्रज्ज्वल रेवन्ना को सांसदी भी गंवानी पड़ सकती है।
