April 19, 2026

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कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे की आई जांच रिपोर्ट, मालगाड़ी के दोनों ड्राइवर और गार्ड ने तोड़ा था नियम

नई दिल्ली। बीते दिनों पश्चिम बंगाल में कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन को पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मार दी थी। इसमें 2 रेलवे कर्मचारियों समेत 10 लोगों की मौत हुई और तमाम अन्य घायल हुए। जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन रुकी हुई थी और मालगाड़ी पीछे से आ गई। अब बताया जा रहा है कि इस हादसे की जांच रिपोर्ट आ गई है। जिसमें मालगाड़ी के ड्राइवर, सहायक ड्राइवर और गार्ड को दोषी बताया गया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम खराब होने पर प्रतिबंधित रफ्तार में ट्रेनों को चलाया जाता है, लेकिन मालगाड़ी चला रहे रेलवे कर्मचारियों ने इस नियम का पालन नहीं किया।

कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन जिन दो स्टेशनों के बीच हादसे का शिकार हुई, वहां सुबह से ही कई बार सिग्नल फेल हो चुका था। ऐसे में पहले ये जानकारी आई थी कि कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी के ड्राइवर को स्टेशन मास्टर की तरफ से इसकी जानकारी के साथ ही रफ्तार संबंधी नियम के बारे में लिखित मेमो दिया गया था। बताया गया था कि सिग्नल खराब होने के कारण 2 स्टेशनों के बीच ट्रेनों को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा स्पीड नहीं रखनी थी, लेकिन मालगाड़ी के ड्राइवर ने इस नियम को नहीं माना। ऐसे में रास्ते में खड़ी हुई कंचनजंगा एक्सप्रेस को उसने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

रेलवे का नियम ये कहता है कि ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम अगर खराब हो, तो भी ट्रेनों को लाल सिग्नल पर चलाया जा सकता है। इसके लिए ड्राइवर को ट्रेन की गति धीमी रखनी होती है। साथ ही जिस सेक्शन में सिग्नल खराब है, वहां हर लाल सिग्नल पर दिन में 1 मिनट और रात में 2 मिनट रुकना भी होता है। माना जा रहा है कि मालगाड़ी के ड्राइवर ने इस नियम का भी उल्लंघन किया होगा। इस हादसे में मालगाड़ी के ड्राइवर ए. कुमार और कंचनजंगा एक्सप्रेस के गार्ड ए. डे की भी जान चली गई है। मालगाड़ी का सहायक ड्राइवर हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था।