दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसे में एसयूवी चालक और चार अन्य आरोपियों को जमानत देने से कोर्ट का इनकार
नई दिल्ली। दिल्ली के राव आईएएस कोचिंग हादसे के मामले में अदालत ने एसयूवी ड्राइवर और चार अन्य आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मनुज कथूरिया, तेजिंदर, हरविंदर, परविंदर और सरबजीत की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने मनुज कथूरिया की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर जांच अधिकारी से जवाब मांगा है। मनुज कथूरिया पर आरोप है कि सड़क पर पानी भरने के दौरान वह तेज गति से एसयूवी लेकर वहां से गुजरा, जिस कारण पानी के दबाव से कोचिंग सेंटर का गेट टूटा और बेसमेंट में पानी भर गया जिसमें तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई। मामले की अगली सुनवाई अब 7 अगस्त को होगी।
उधर, राव आईएसएस कोचिंग इंस्टीट्यूट की ओर से घटना के बाद आज पहली बार प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। सोशल मीडिया पोस्ट पर कोचिंग इंस्टीट्यूट की ओर से लिखा गया, 27 जुलाई की दुखद घटना में हमारे स्टूडेंट्स तान्या सोनी, निविन दल्विन और श्रेया यादव की मृत्यु से हमें गहरा दु:ख हुआ है। उनके परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं हैं। राव आईएएस स्टडी सर्किल द्वारा इस मामले की जांच में पूरा सहयोग कर किया जा रहा है। हम सभी से इस कठिन समय के दौरान पीड़ित परिवारों की गोपनीयता का सम्मान करने का आग्रह करते हैं। उनके सपनों और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने आज ही इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एमसीडी और दिल्ली सरकार को जबर्दस्त फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि सब एक-दूसरे के पाले में गेंद डालने में लगे हुए हैं। दूसरी तरफ, दिल्ली की इस घटना से सबक लेते हुए अब अन्य प्रदेशों की सरकारें भी सजग हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में चलने वाले विभिन्न कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मापदंडों की जांच के आदेश दिए हैं।
