असम में कितने अवैध विदेशी नागरिक और संदिग्ध वोटर हैं?, सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने दिया आंकड़ा
गुवाहाटी। असम में 1 लाख 19 हजार 570 संदिग्ध वोटर हैं और इनमें से 41583 को विदेशी घोषित किया गया है। ये जानकारी असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को विधानसभा में दी। असम के सीएम ने एक सवाल के जवाब में बताया कि 76233 को भारतीय नागरिक घोषित किया गया है। 41 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिकों के बारे में हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि संबंधित देश इन लोगों की राष्ट्रीयता का सत्यापन कर रहे हैं। इस सत्यापन के बाद विदेशियों को उनके देश यात्रा परमिट जारी करेंगे। जिसके बाद इन सभी को अपने देश भेज दिया जाएगा।
हिमंत बिस्व सरमा ने विधानसभा में सवाल के जवाब में ये जानकारी भी दी कि असम में 9 लाख से ज्यादा लोग एनआरसी में अपडेट करने के दौरान बायोमेट्रिक प्रणाली लॉक होने से आधार कार्ड हासिल नहीं कर पाए। इनको जल्दी ही आधार कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इन सभी लोगों को आधार कार्ड जारी करने का निर्देश यूआईएडीआई को दिया है। यूसीसी को असम में लागू करने के बारे में हिमंत बिस्व सरमा का कहना था कि अब तक उनकी सरकार ने इस बारे में फैसला नहीं किया है।
असम में विदेशी नागरिकों का मुद्दा दशकों पुराना है। विदेशियों के मसले पर असम में बड़े आंदोलन भी हो चुके हैं। असम में बांग्लादेशी मुस्लिमों के घुसपैठ का बड़ा आरोप लगता रहा है। बांग्लादेश से आए मुसलमानों को असम में ‘मिया’ कहा जाता है। बीते दिनों ही असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने विधानसभा में बयान दिया था कि मिया मुसलमानों को वो राज्य पर कब्जा नहीं करने देंगे। हिमंत बिस्व सरमा ने ये दावा भी किया था कि असम में हिंदू समुदाय मिया मुसलमानों की बहुतायत वाले इलाकों से पलायन कर रहे हैं। इस पर विपक्षी दलों ने मिलकर हिमंत बिस्व सरमा पर धर्म और जाति के आधार पर नफरत फैलाने का केस भी दर्ज कराया है।
