हरियाणा से दोगुना ज्यादा पराली जलाने के पंजाब में मामले, सीएक्यूएम ने सुप्रीम कोर्ट में दिया आंकड़ा
नई दिल्ली। हरियाणा से ज्यादा पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं हो रही हैं। ये आंकड़ा कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट यानी सीएक्यूएम ने सुप्रीम कोर्ट में दिया है। खास बात ये है कि दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। पिछले दिनों दिल्ली की सीएम आतिशी ने आरोप लगाया था कि हरियाणा और यूपी में पराली जलाने की घटनाओं के कारण देश की राजधानी में प्रदूषण बढ़ा है। जबकि, आंकड़ों के लिहाज से इस साल भी पंजाब में हरियाणा से ज्यादा पराली जलाई जा रही है। वहीं, आंकड़ों के हिसाब से देखें, तो 2023 में पंजाब में पराली जलाने के 1764 और 2022 में 3114 मामले सामने आए थे। जबकि, हरियाणा में 2023 में पराली जलाने की 689 और 2022 में 771 घटनाएं हुई थीं।
हर साल सर्दी की शुरुआत से पहले दिल्ली और आसपास प्रदूषण बढ़ता है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। दिल्ली में प्रदूषित हवा खतरनाक स्तर पर है। दिन और रात दिल्ली में धुएं की चादर छाई रहती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। इसी सुनवाई से पहले सीएक्यूएम ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर बताया है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की कितनी घटनाएं इस साल हुई हैं। सीएक्यूएम के हलफनामे में बताया गया है कि 15 सितंबर से 17 अक्टूबर 2024 तक पंजाब में पराली जलाने के 1289 मामले सामने आए। वहीं, हरियाणा में इससे आधी 601 पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं। सीएक्यूएम ने हलफनामे में कहा है कि पंजाब और हरियाणा सरकारें पराली जलाने पर रोक लगाने में नाकाम हैं। कमीशन ने दोनों राज्यों के अफसरों को इस बारे में नोटिस भी दिया है।
बता दें कि दिल्ली और पंजाब दोनों जगह अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकारें हैं। पंजाब में हर साल पराली जलाने की तमाम घटनाएं होती हैं, लेकिन हर साल दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पड़ोसी बीजेपी शासित राज्यों हरियाणा और यूपी पर तोहमत मढ़ती है। इस बार भी ऐसा हुआ है। इस बार जब दिल्ली की सीएम आतिशी ने हरियाणा और यूपी के बारे में कहा कि वहां पराली जलाने से राजधानी में प्रदूषण हो रहा है, तब हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पलटवार करते हुए कहा था कि आम आदमी पार्टी को झूठ बोलने और अपनी गलतियों के लिए दूसरों को दोष देने की आदत है।
