झारखंड विधानसभा चुनाव में कहीं पति-पत्नी, तो कहीं पिता और पुत्र आमने-सामने
नई दिल्ली। झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में पहले और दूसरे चरण के लिए नामांकन की अंतिम तारीख कल खत्म हो गई। अब नामांकन के बाद एक बहुत ही दिलचस्प बात सामने निकलकर आई है। झारखंड में कुछ सीटें ऐसी हैं जहां पिता के सामने पुत्र चुनाव लड़ रहा है तो कहीं पति को अपनी ही पत्नी से टक्कर मिल रही है। इस तहर से झारखंड में होने वाला चुनाव बहुत ही दिलचस्प दिखाई पड़ रहा है। आइए आपको बताते हैं कि कौन सी ऐसी सीटें हैं जहां इस तरह के समीकरण बन रहे हैं।
चुनाव अयोग के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने नामांकन किया है उनमें टुंडी विधानसभा क्षेत्र में मौजूदा विधायक मथुरा प्रसाद महतो के सामने उनके बेटे ने ही ताल ठोक दी है। मथुरा प्रसाद महतो झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक और इस बार फिर से पार्टी न उनको टिकट दी है। वहीं, उनके पुत्र दिनेश प्रसाद महतो ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर टुंडी विधानसभा से ही नामांकन दाखिल कर चुनाव को मजेदार बना दिया है। ऐसा ही कुछ हाल झारखंड की झरिया विधानसभा में देखने को मिला। यहां भी पिता को पुत्र ने ही चुनौती दी है। मो. रुस्तम अंसारी ने झरिया विधानसभा से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा जबकि इसी सीट पर उनको चुनौती देते हुए उनके बेटे सद्दाम हुसैन ने निर्दलीय पर्चा भर दिया है।
इन दोनों सीटों से ज्यादा दिलचस्प है गोमिया सीट जहां पति और पत्नी आमने सामने हैं। चितरंजन साव और उनकी जिला पंचायत अध्यक्ष पत्नी सुनीता देवी एक दूसरे के सामने चुनाव मैदान में हैं। खास बात यह है कि दोनों ने ही बतौर निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन दाखिल किया है। आपको बता दें कि झारखंड की सभी 81 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव होना है। पहले चरण के लिए 13 नवम्बर जबकि दूसरे चरण के लिए 20 नवम्बर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजों की घोषणा 23 नवम्बर को होगी।
