April 18, 2026

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पीएम नरेंद्र मोदी ने मौसम विज्ञानियों की थपथपाई पीठ, और अधिक शोध पर दिया बल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने आज भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के 150 वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की। इस दौरान मोदी ने कहा कि आज मौसम विज्ञान की दिशा में और अधिक शोध करने का समय है। प्रमाणिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने के तरीके खोजने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुमान जितने ज़्यादा सटीक होते जाएंगे, उसकी सूचनाओं का महत्व बढ़ता जाएगा।

मोदी बोले, आने वाले समय में आईएमडी के डेटा की मांग बढ़ेगी और इसकी उपयोगिता विभिन्न क्षेत्रों, उद्योगों और यहां तक ​​कि रोजमर्रा के मानव जीवन में भी बढ़ेगी, इसलिए हमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करने की जरूरत है। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियां भी हैं, जहां हमें एक चेतावनी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है। मैं चाहूंगा कि हमारे वैज्ञानिक, अनुसंधान विद्वान और आईएमडी जैसे संस्थान इस क्षेत्र में नई सफलता अर्जित करने के लिए काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा, विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति और इसकी पूरी क्षमता का उपयोग किसी भी देश की वैश्विक छवि की नींव बनता है। आज, हमारी मौसम संबंधी प्रगति के कारण, हमारी आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत हुई है। इसका लाभ विश्व स्तर पर साझा किया जा रहा है। हमारी फ्लैश फ्लड गाइडेंस सिस्टम अब नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को भी जानकारी प्रदान करता है, जब भी हमारे पड़ोसी देशों में कोई आपदा आती है, तो भारत सबसे पहले मदद की पेशकश करता है, इससे भारत पर वैश्विक विश्वास भी बढ़ा है।

नरेंद्र मोदी बोले, मौसम विज्ञान किसी भी देश की आपदा प्रबंधन क्षमता का सबसे जरूरी सामर्थ्य होता है। प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम से कम करने के लिए हमें मौसम विज्ञान की कार्यकुशलता को अधिकतम करने की आवश्यकता होती है। भारत ने लगातार इसकी अहमियत को समझा है। आज हम उन आपदाओं की दिशा को मोड़ने में कामयाब हो रहे हैं जिन्हें पहले नियति कहकर छोड़ दिया जाता था।

प्रधानमंत्री ने कहा, कल मैं सोनमर्ग में था, शुरुआत में कार्यक्रम पहले तय था, लेकिन मौसम विभाग की जानकारी के आधार पर मुझे सलाह दी गई कि वह समय उपयुक्त नहीं होगा। मौसम विभाग ने बताया कि 13 तारीख ठीक रहेगी जब मैं कल वहां गया, तो तापमान शून्य से 6 डिग्री नीचे था, लेकिन मेरे पूरे समय के दौरान, आकाश में एक भी बादल नहीं था और मौसम विभाग की जानकारी के कारण कार्यक्रम सुचारू रूप से हो सका।