Mahakumbh 2025: मौनी अमावस्या पर प्रयागराज रेलवे डिवीजन ने बनाया रिकॉर्ड, 222 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन
नई दिल्ली। महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान के अवसर पर प्रयागराज रेलवे डिवीजन ने रिकॉर्ड तोड़ प्रबंधन का प्रदर्शन किया। मौनी अमावस्या के दिन रेलवे ने 222 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, जिससे कुल 365 ट्रेनों का आवागमन सुनिश्चित किया गया। यह एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड है, जिसमें रेगुलर ट्रेनों के साथ-साथ स्पेशल ट्रेनों का भी सुचारू संचालन हुआ।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, प्रयागराज के नौ प्रमुख रेलवे स्टेशनों से विशेष दिशा-निर्देशों के तहत ट्रेनों का संचालन किया गया। इसके जरिए करीब 12 लाख श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से प्रयागराज से उनके गंतव्य तक भेजा गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए खुसरो बाग होल्डिंग एरिया को तय समय से पहले ही खोल दिया गया, ताकि प्लेटफॉर्म पर भीड़ का दबाव न बढ़े। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी एनसीआर महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक द्वारा की गई।
रेलवे का विशेष प्लान
महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान में 7 से 8 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान पहले से ही लगाया गया था। इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे ने खास योजना तैयार की थी। रेलवे की रणनीति के तहत मौनी अमावस्या को प्रयागराज से सिर्फ बाहर जाने वाली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, जबकि दूसरे शहरों से कोई स्पेशल ट्रेन प्रयागराज नहीं आई। हालांकि, रेगुलर ट्रेनें अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार चलती रहीं।
स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
दूसरे शाही स्नान के बाद श्रद्धालुओं का सैलाब प्रयागराज रेलवे स्टेशनों की ओर उमड़ पड़ा। रेलवे अधिकारियों के लिए यह दिन अत्यधिक व्यस्तता भरा रहा। अच्छी व्यवस्था और समुचित प्रबंधन के चलते ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से चलता रहा। हालांकि, भारी दबाव के कारण अन्य रूटों की दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।
गौरतलब है कि महाकुंभ 2025 के लिए रेलवे उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से विशेष योजनाओं पर कार्य कर रहा है। इसी रणनीति के तहत मौनी अमावस्या स्नान के लिए ट्रेनों की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। महाकुंभ के अगले महत्वपूर्ण स्नान के दौरान भी इसी तरह की व्यापक तैयारियां की जाएंगी।
