संभल शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगाई-पुताई की हाईकोर्ट ने दी अनुमति
नई दिल्ली। संभल की शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगाई-पुताई की इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुमति दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि मस्जिद की दीवार को बिना नुकसान पहुंचाए लाइट भी लगाई जा सकती है। मस्जिद कमेटी की ओर से रंगाई-पुताई की अनुमति के लिए उच्च न्यायालय में सिविल रिवीजन याचिका दाखिल की गई थी। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की एकल बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि मैं केवल मस्जिद की बाहरी दीवारों पर सफेदी के लिए अनुमति दे रहा हूं और यह केवल उनके आवेदन का निपटारा करने के लिए है। इसके साथ ही जस्टिस अग्रवाल ने एएसआई को फटकार लगाई।
इससे पहले अदालत ने एएसआई की रिपोर्ट के आधार प रंगाई पुताई कराने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मस्जिद की दीवारों पर रंगाई पुताई की कोई आवश्यकता नहीं है। मगर अब कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की सिविल रिवीजन याचिका में की गई मांग को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने कहा है कि सात दिन के अंदर एएसआई की देख रेख में मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगाई पुताई और लाइटनिंग का काम कराया जाए। जज ने एएसआई के वकील मनोज कुमार सिंह से उनकी रिपोर्ट के बारे में पूछा।
इस पर उन्होंने बताया कि एएसआई के मुताबिक मस्जिद कमेटी ने मस्जिद की दीवारों पर कई सालों तक रंगाई पुताई कराई है, इससे दीवारों पर क्षति पहुंची है। जज ने नाराज होते हुए सवाल किया कि तो फिर इतने सालों से एएसआई क्या कर रही थी। आपको बता दें कि संभल शाही जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष की ओर से जिला अदालत में याचिका दायर कर दावा किया गया है कि यहां पहले हरिहर मंदिर था जिसे मुगल शासनकाल में मस्जिद बना दिया गया। इसी बात को लेकर संभल में विवाद है, हालांकि अब कोर्ट ने भी जामा मस्जिद को विवादित ढांचा माना है।
