उत्तराखंड में अवैध मदरसों की शामत आई, 15 दिन में ही 50 से ज्यादा किए गए सील; बाकी पर भी कार्रवाई तय
देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार ने राज्य में अवैध मदरसों पर कार्रवाई तेज की है। बीते 15 दिन में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद 50 से ज्यादा अवैध मदरसों को संबंधित जिलों के प्रशासन ने बंद कराया है। ये सभी अवैध मदरसे धार्मिक कार्यों की आड़ लेकर चलाए जा रहे थे। बीते सोमवार को ही देहरादून के विकासनगर में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 12 अवैध मदरसों को सील कर दिया था। वहीं, खटीमा में 9 अवैध मदरसों को बंद कराया गया। इससे पहले उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने 31 अवैध मदरसों पर सील लगाया था।
उत्तराखंड सरकार ने खुफिया जानकारी और सर्वे के माध्यम से राज्य में अवैध मदरसों का पता लगाया है। खासकर पश्चिमी दून और अन्य संवेदनशील इलाकों में अवैध मदरसों का जाल फैलता पाया गया। उत्तराखंड सरकार को ये जानकारी मिली कि इन अवैध मदरसों से धार्मिक शिक्षा देने के साथ ही इलाके की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश भी होती है। उत्तराखंड सरकार को ये खुफिया जानकारी भी मिली कि राज्य में अवैध मदरसों को बड़े पैमाने पर खोलने की साजिश है। ताकि इनके जरिए गैरकानूनी काम किए जा सकें। इसकी जानकारी मिलते ही उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी अवैध मदरसों को चिन्हित कर तत्काल इन्हें बंद कराने के आदेश दिए। सीएम धामी ने बयान में भी कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और कानून-व्यवस्था से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ये एलान भी किया कि अगर कोई अवैध गतिविधियां करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के सभी जिलों में और अवैध मदरसों को चिन्हित किया जा रहा है। हर एक अवैध मदरसे को उत्तराखंड के जिलों के प्रशासन की तरफ से सील किया जाएगा। उत्तराखंड में 416 मदरसों को राज्य के मदरसा बोर्ड से मान्यता हासिल है। जबकि, राजधानी देहरादून में ही तमाम अवैध मदरसे चलते मिले। उत्तराखंड में लोग काफी समय से जगह-जगह डेमोग्राफिक बदलाव का आरोप भी लगाते रहे हैं। ऐसे में अवैध मदरसों को बंद कर धामी सरकार इस दिक्कत का समाधान भी करने में जुटी है।
