महारानी अहिल्याबाई होलकर त्रीशताब्दी समारोह में सांसद श्री विनय प्रभाकर सहस्त्र बुद्ध जी सम्मानित
मेरठ (नरेंद्र बंसल), चौधरी चरण सिंह. यूनिवर्सिटी मेरठ नेताजी सुभाष चंद्रबोस प्रेक्षागृह सभागार में महारानी अहिल्याबाई होलकर त्रीशताब्दी समारोह में सांसद श्री विनय प्रभाकर सहस्त्र बुद्ध जी को सम्मानित करते मेयर हरिकांत अहलूवालिया और राज्यसभा सांसद श्रीमती कांता कर्दम व महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी
मेरठ,आज लोक पुण्यश्लोक माता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी अभियान’ नगर निगम सम्मेलन का आयोजन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य सभा सांसद श्री विनय प्रभाकर सहस्त्रबुद्ध जी रहे।
आज इस ऐतिहासिक समारोह अहिल्याबाई होल्कर त्रीशताब्दी अभियान के आयोजक महापौर हरिकांत आहलूवालिया रहे और संयोजक महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी इस अभियान की संयोजक सीमा श्रीवास्तव और सहसंयोजक महानगर उपाध्यक्ष रवि अग्रवाल रहे उन्होंने कार्यक्रम का सफल संचालन भी किया और साथ ही उपाध्यक्ष श्री रवीश अग्रवाल ने कार्यक्रम को कुशल संचालन के द्वारा एक सूत्र में पिरोया जिसकी सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा भी की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने ओबीसी मोर्चा क्षेत्रीय अध्यक्ष हरवीर पाल से कराया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद व राष्ट्रीय भाजपा पार्टी उपाध्यक्ष श्रद्धेय श्री विनय प्रभाकर सहस्त्रबुद्धे ने कहा–कि रानी अहिलबाई होलकर ने उस समय अपने परिवार को मजबूत बनाने के लिए उस समय की रीति को बदला, जिससे उन्हें बल मिला। जब अहिल्याबाई होलकर की 29 वर्ष अल्प आयु में उनके पति की मृत्यु हुई तब उन्होंने सती प्रथा का त्याग किया।
रानी अहिल्याबाई होलकर ने कभी मुगलों की गुलामी स्वीकार नहीं की और अपने राज्य को आगे बढ़ाने का काम किया। उत्तर प्रदेश का परिचय होता है अयोध्या से और वाराणसी से आप जानते हैं-कि कैसे मुगल शासकों ने हमारे बड़े मंदिरों को क्षति पहुंचाई, और अहिल्याबाई ने ऐसे मंदिरों को पुनः निर्माण कराया उनका सौंदर्यकरण कराया। महान वीरांगना महारानी अहिल्याबाई होलकर ने अपने जीवन काल में राज्य में पानी की किल्लत न हो उसके लिए बहुत सारे तालाब का निर्माण करवाया हमें उनसे प्रेरणा लेकर हमें रैन वाटर हार्वेस्टिंग करना चाहिए।
हिल्याबाई ने अपने किसानों के विकास के लिए एक कानून बनाया 9, 11 का कानून जिसके अंतर्गत हर व्यक्ति को 20 पौधे लगाने थे, और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी उनकी थी। यदि व्यक्ति 9 पौधों से लाभ प्राप्त करता है, तो उसे उसका लाभ मिलेगा, और 11 पौधों का लाभ सरकार को मिलेगा।इससे प्रेरित होकर हर किसी को एक पौधा मां के नाम लगाना चाहिए और उनकी रक्षा करनी चाहिए।
अगर आज के समय में अहिल्याबाई से प्रेरणा लेनी है, तो याद रखे के अहिल्याबाई होलकर अपने जीवन काल में स्त्री और पुरुष में भेदभाव नहीं करती थी उन्होंने अपने राज्य में स्त्रियों को शिक्षित किया उन्हें शस्त्र शिक्षा दी ताकि स्त्रियां अपने परिवार को संपन्न बनाने के साथ साथ अपने परिवार व राज्य की भी रक्षा कर सके। आज के इस समय में हमें भी भेदभाव न करते हुए स्त्रियों और पुरुषों को शिक्षा देनी चाहिए और उन्हें इस देश की प्रगति की और काम करना चाहिए।
आगे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए बताया के कैसे नरेंद्र मोदी अहिल्याबाई से प्रेरित होके हमारे देश की महिलाओं को उनका हक दिला रहे हैं और यह सशक्त बना रहे हैं। जिस पर उपस्थित सैकड़ो लोगों ने एक सुर में कहा–सांसद विनय प्रभाकर जिंदाबाद रानी अहिल्याबाई अमर रहे, के नारों से पूरा सदन गूंज उठा। इसी क्रम में मेरठ सांसद श्री अरुण गोविल ने कहा-कि हमें अहिल्याबाई होलकर से प्रेरित होकर उनके संघर्षशील जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के लिए काम करने चाहिए, उन्होंने इतनी कम आयु में इतना सब कुछ सीखा और एक अपने राज्य के लिए निःस्वार्थ काम किया।
वह एक शिव भक्तिनी थी और उन्होंने काशी विश्वनाथ शिव मंदिर का पुनः निर्माण कराया। इस अवसर पर अभियान की सयोजक सीमा श्रीवास्तव सह सयोजक रवीश अग्रवाल महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर विधायक अमित अग्रवाल , पूर्व विधायक शशि मित्तल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज, राज्यमंत्री संजीव जैन सिक्का, मेरठ हापुड़ लोकसभा सांसद अरुण गोविल, पूर्व राज्य सभा सांसद कांतआ कर्दम सीमा श्रीवास्तव, पूर्व सांसद राजेंद्र अभियान की सयोजक सीमा श्रीवास्तव सह सयोजक रवीश विभोर चौधरी अग्रवाल डॉ वकुल रस्तोगी सुनील चड्ढा नरेंद्र उपाध्याय अरुण वशिष्ठ विवेक बाजपेयी अंकित सिंघल आदि उपस्थित रहे सभी अतिथियों गणमान्य एवं संख्या में मातृशक्ति एवं कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
