जानी खुर्द की बेटी सलोनी जिंदल बनी समीक्षा अधिकारी, यूपीएससी में 46वीं रैंक हासिल
नरेंद्र बंसल –
मेरठ। जानी खुर्द गांव की बेटी सलोनी जिंदल ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के दम पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए यूपीएससी परीक्षा में 46वीं रैंक प्राप्त कर समीक्षा अधिकारी का पद हासिल किया है। खास बात यह है कि सलोनी ने 9 लाख 40 हजार रुपये के पैकेज का अवसर छोड़कर यह मुकाम पाया।
सलोनी बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं। उनके पिता राजकुमार उर्फ मूला ठेले पर बर्फ बेचने के साथ-साथ एक छोटी परचून की दुकान चलाते हैं। इसी दुकान पर जलेबी बनाकर बेचते हुए उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। साल 2018 में बीमारी के चलते सलोनी की मां का निधन हो गया था, लेकिन इस कठिन परिस्थिति में भी सलोनी ने हिम्मत नहीं हारी।
घर में सबसे छोटी सलोनी ने पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाया। उनके बड़े भाई का नाम अर्पित जिंदल है। सलोनी की सफलता की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई और बधाई देने वालों का तांता लग गया। गांव के प्रधान वेदपाल फौजी सहित कई गणमान्य लोगों ने सलोनी को नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रधान वेदपाल भावुक हो गए और कहा कि सलोनी ने गांव ही नहीं, पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
शैक्षिक सफर रहा शानदार-
सलोनी ने कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई जानी खुर्द स्थित एमडीएम स्कूल से की। इसके बाद कक्षा 9 से 12 तक की शिक्षा सीएलएम इंटर कॉलेज, जानी खुर्द से प्राप्त की। वर्ष 2015 में हाईस्कूल में कॉलेज में पांचवां स्थान प्राप्त किया और इंटरमीडिएट में 92.6 प्रतिशत अंक लाकर टॉप किया।
इसके बाद मेरठ के एमआईईटी कॉलेज से इंजीनियरिंग में भी टॉप किया। स्कूल और कॉलेज के प्राचार्यों ने बताया कि सलोनी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं।
मेहनत और लगन से मिली सफलता-
सलोनी जिंदल ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में दृढ़ संकल्प हो तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने सलोनी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता, स्कूल, गांव और जिले का नाम रोशन किया है। कॉलेज प्रबंधन ने भी जल्द ही उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है।
