गुजरात की विसावदर सीट जीतने से खुश आम आदमी पार्टी को झटका, विधायक उमेश मकवाना ने तमाम आरोप लगाकर पार्टी के सभी पद छोड़े
गांधीनगर। अरविंद केजरीवाल खुश थे कि गुजरात की विसावदर विधानसभा सीट पर हुए उप चुनाव में उनकी पार्टी के गोपाल इटालिया ने जीत दर्ज की है, लेकिन इस चुनाव का नतीजा आने के 72 घंटे के भीतर ही केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को जोर का झटका लगा है। गुजरात की बोटाद विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक उमेश मकवाना ने पार्टी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। उमेश मकवाना ने कहा है कि वो पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करते रहेंगे। बोटाद की जनता के बीच जाएंगे और कुछ लोगों से मिलकर अलग पार्टी बनाने या न बनाने पर चर्चा करेंगे।
बोटाद सीट से आम आदमी पार्टी विधायक उमेश मकवाना ने ये भी कहा कि जब गुजरात में कोई आम आदमी पार्टी को जानता भी नहीं था, उस वक्त सत्तारूढ़ बीजेपी छोड़कर उन्होंने इसे ज्वॉइन किया। उमेश मकवाना ने कहा कि लगता है हम संविधान निर्माता बीआर आंबेडकर के सिद्धांतों से भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उमेश मकवाना ने कहा कि आम आदमी पार्टी मूल सिद्धांतों से दूर हो रही है। बोटाद से विधायक ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब बीजेपी की तरह दलित और पिछड़े समाज की अनदेखी कर आगे बढ़ रही है। उमेश मकवाना ने कहा कि कार्यकर्ता के तौर पर काम करते रहेंगे और विधायक भी बने रहेंगे।
उमेश मकवाना को आम आदमी पार्टी ने गुजरात विधानसभा में सचेतक यानी व्हिप का पद दिया था। माना ये जा रहा है कि विसावदर सीट से जीतकर गुजरात विधानसभा पहुंचे गोपाल इटालिया को अहम भूमिका दी जाएगी। इस वजह से उमेश मकवाना ने आम आदमी पार्टी से मिले सारे पद छोड़ दिए हैं। वहीं, इस मामले में न्यूज चैनल आजतक से बातचीत करते हुए उमेश मकवाना ने ये आरोप भी लगाया है कि तमाम अहम फैसलों में उनकी राय नहीं जानी गई। फैसला लेने में भी आम आदमी पार्टी ने उनको शामिल नहीं किया। उन्होंने बीजेपी में वापस जाने से साफ इनकार किया है। अब देखना है कि आम आदमी पार्टी का नेतृत्व उमेश मकवाना को मनाता है या इस मसले पर चुप्पी साधे रहता है।
