‘पश्चिम बंगाल में जोड़े जा रहे फर्जी वोटर’, बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य निर्वाचन अधिकारी के पत्र का हवाला देकर लगाया आरोप
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष और बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने राज्य निर्वाचन आयोग के एक पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि नमूना जांच से पता चलता है कि फॉर्म 6 के जरिए वोटर एक्ट 1960 का बड़े पैमाने पर उल्लंघन कर उचित सत्यापन के बिना आवेदन स्वीकार किए गए। जिसकी वजह से फर्जी वोटर लिस्ट में आए। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि बीडीओ दफ्तरों में तैनात ओसी चुनाव और संविदा पर नियुक्त किए गए डेटा एंट्री ऑपरेटर फॉर्म 6,7 और 8 को दर्ज करने के काम में शामिल रहे हैं। उन्होंने इसकी जांच की मांग की है।
शुभेंदु अधिकारी के इस आरोप से पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का बयान चर्चा में आया था। इस बयान में ममता बनर्जी ने कहा था कि उनको ये पता ही नहीं था कि चुनाव आयोग राज्य से 1000 लोगों को प्रशिक्षण के लिए दिल्ली ले गया है। ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनाव आयोग ने उनको सूचित नहीं किया, लेकिन वो चीफ सेक्रेटरी को जानकारी दे सकते थे। ममता ने आगे कहा था कि जिन बूथ लेवल अफसरो (बीएलओ) की प्रतीक्षा सूची है, उनसे अनुरोध है कि वे ये सुनिश्चित करें कि वोटर लिस्ट से किसी का नाम न छूटे। ममता ने आगे कहा था कि हमेशा याद रखें कि चुनाव की तारीखों के एलान के बाद चुनाव आयोग की भूमिका खास होती है, लेकिन उससे पहले और बाद में ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा था कि बीएलओ ये याद रखें कि वे पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारी हैं।
ममता के इसी बयान के बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी की ओर से कहा गया था कि अगर किसी बीएलओ ने गलत तरीके से फर्जी वोटर जोड़े, तो उसको नतीजा भुगतना पड़ेगा। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। बीजेपी लगातार दावा कर रही है कि इस बार पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से जरूर हटाएगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ये कह चुके हैं कि पश्चिम बंगाल के अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ही जीत होगी। वहीं, बिहार में एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि वो अब देशभर में यही प्रक्रिया करने वाला है। ऐसे में पश्चिम बंगाल की सियासत में और गर्मी आ सकती है।
