गाजियाबाद इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुदृढ़ होगी शहर की यातायात व्यवस्था, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों एवं अपराधियों की कसेगी नकेल
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रविन्द्र बंसल प्रभारी यूपी, यूके / हिंद फोकस न्यूज़
गाजियाबाद इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुदृढ़ होगी शहर की यातायात व्यवस्था, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों एवं अपराधियों की कसेगी नकेल
गाजियाबाद। शहर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) जल्द शुरू होने जा रहा है। इस सिस्टम को 86 करोड़ रुपये की लागत से नवयुग मार्केट स्थित नगर निगम मुख्यालय में तैयार किया जा रहा। आईटीएमएस कंट्रोल रूम 15 अक्टूबर से पूरी तरह क्रियाशील होने की पूरी संभावना है। वर्तमान में कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। और 250 अत्याधुनिक कैमरों को अलग-अलग स्थानों पर लगा ने का काम तेजी से हो रहा है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के मुताबिक, शहर के सभी मुख्य 17 प्रवेश और निकास द्वारों के साथ 41 प्रमुख चौराहों और तिराहों पर उन्नत तकनीक वाले कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें रेड लाइट जंप, ओवरस्पीडिंग, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचानने और फेस रिकग्निशन सिस्टम से लैस कैमरे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पिन प्वाइंट जूम सुविधा और 134 सामान्य वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। सभी कैमरों की फीड ट्रैफिक पुलिस के साथ साझा की जाएगी। हाल ही में इस संबंध में एडिशनल सीपी और नगर आयुक्त की बैठक भी हुई है।
आईटीएमएस के तहत शहर के मध्य में प्रदूषण जांच मशीन लगाई जाएगी। साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को ऑटोमेटिक करने की योजना है, जिससे यह निगरानी हो सकेगी कि किस ट्रांसफर स्टेशन पर कितना कचरा कब और कहां पहुंचा।
आईटीएमएस लागू होने के बाद ट्रैफिक सिग्नल पर नियम तोड़ने वालों का ई-चालान सीधे कैमरों के माध्यम से जारी होगा। फेस रिकग्निशन तकनीक से किसी भी घटना के बाद अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में भी आसानी होगी। वर्तमान में जहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर फोटो खींचकर चालान करते हैं, वहीं इस सिस्टम से उनकी ड्यूटी का बोझ भी घटेगा और कार्रवाई और तेज व सटीक हो जाएगी।
