चढ़ावा चोरी मामले में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े बड़े लोगों पर एफआईआर संभव, सीईओ नियुक्त कर सकती है सरकार
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले में पुलिस ने पहले ही 8 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की। अब खबर है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ बड़े लोगों पर एफआईआर की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में ट्रस्ट के कुछ बड़े लोगों की मिलीभगत की आशंका है। जिस तरह राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी लंबे समय से चलती रही और उस पर ट्रस्ट के लोगों ने चुप्पी साधे रखी, उससे इस आशंका को बल मिला है।
खबर ये भी है कि राम मंदिर के ट्रस्ट में बदलाव के साथ ही सरकार की ओर से यहां सीईओ की तैनाती की जा सकती है। अभी राम मंदिर ट्रस्ट में कोई सीईओ नहीं है। ट्रस्ट का काम उसके महासचिव चंपत राय और बाकी सदस्य ही देखते रहे हैं। चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र के बारे में शुक्रवार को खबर आई थी कि दोनों ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इस खबर के लिखे जाने तक राम मंदिर ट्रस्ट से महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्र के इस्तीफे की पुष्टि नहीं हो सकी है। अब अगर ट्रस्ट के बड़े लोगों पर भी एफआईआर होती है, तो इससे साफ है कि यूपी की योगी आदित्यनाथ राम मंदिर चंदा चोरी में किसी को बख्शने के मूड में नहीं है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर का चढ़ावा लगातार चोरी होने का मामला सामने आने के बाद एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट दी। जिसके बाद 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवा कर उनकी गिरफ्तारी की गई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को भी साफ कहा कि भक्तों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को उनकी सरकार कतई नहीं बख्शेगी। यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। इस वजह से राम मंदिर चढ़ावा चोरी को मुद्दा बनाकर विपक्ष बीजेपी की राज्य और केंद्र सरकार को घेर रहा है।
