April 23, 2026

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अमेरिका ने बीएलए को क्यों घोषित किया आतंकी संगठन?, डोनाल्ड ट्रंप की योजना है इसकी वजह!

नई दिल्ली। अमेरिका ने पाकिस्तान से आजादी के लिए लड़ रहे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए और उससे जुड़े मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित किया है। बीएलए के लड़ाके बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजाद कराने के लिए हमले करते रहे हैं। मजीद ब्रिगेड उसका आत्मघाती दस्ता है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा है कि बीएलए और मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित करनरा ट्रंप प्रशासन की आतंकवाद से मुकाबले की प्रतिबद्धता दिखाती है। हालांकि, अमेरिका ने ये कदम उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक योजना के बाद उठाया है।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बीएलए और मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित करना इस संकट के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अमेरिका का कहना है कि आतंकी गतिविधियों के प्रति समर्थन कम करने का ये प्रभावी तरीका है। खास बात ये भी है कि पाकिस्तान सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अमेरिका दौरे के बाद डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने बीएलए और मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित किया। जबकि, दोनों संगठन दशकों से पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए हैं।

तो आखिर अमेरिका ने बीएलए और मजीद ब्रिगेड को अब आतंकी संगठन क्यों घोषित किया? इसका अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना से सीधा संबंध लग रहा है। पाकिस्तान पर डोनाल्ड ट्रंप लगातार मेहरबानी दिखा रहे हैं। ट्रंप ने बीते दिनों एलान किया था कि पाकिस्तान में अमेरिका कच्चे तेल की खोज करेगा। सिर्फ बलूचिस्तान ही ऐसी जगह है, जहां कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है। खास बात ये है कि चीन की ओर से बलूचिस्तान में कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए। इस पर बीएलए और मजीद ब्रिगेड ने चीन के कई इंजीनियरों और कामगारों पर हमला कर उनकी हत्या की। जब चीन के लोगों के खिलाफ बीएलए और मजीद ब्रिगेड के हमले जारी रहे, तो अमेरिका ने इन संगठनों पर कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि, ट्रंप की ओर से पाकिस्तान में कच्चा तेल तलाशने के एलान के बाद दोनों को आतंकी संगठन घोषित किया गया। इससे साफ हो जाता है कि अमेरिका अब बलूचिस्तान में कदम रखने वाला है।

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