अब अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने भारत को दी धमकी, कहा- ट्रंप और पुतिन की बैठक विफल रही तो और टैरिफ लगाएंगे
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच शुक्रवार को अलास्का में बैठक होनी है। पूरी दुनिया की नजर ट्रंप और पुतिन की इस बैठक पर है। इसकी वजह ये है कि अगर बैठक सफल होती है, तो यूक्रेन में बीते साढ़े तीन साल से चल रहा युद्ध खत्म हो सकता है। वहीं, इस बैठक की बात कहकर अमेरिका दादागीरी दिखाने पर उतारू हो गया है! अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने धमकी दी है कि अगर ट्रंप और पुतिन की बातचीत विफल रही, तो भारत पर और टैरिफ लगाया जाएगा।
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अलास्का में राष्ट्रपति ट्रंप की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से बैठक के नतीजों के बाद भारत पर टैरिफ और बढ़ाया जा सकता है। बेसेंट ने ब्लूमबर्ग से बातचीत में कहा कि हमने रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से पहले ही भारत पर सेकेंडरी टैरिफ लगाया है। अगर हालात ठीक न रहे, तो प्रतिबंध और टैरिफ को बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले खुद डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी देने के अंदाज में कहा था कि अगर व्लादिमिर पुतिन से शुक्रवार की बैठक के बाद यूक्रेन में जंग न रुकी, तो रूस को बड़ा खामियाजा भुगतना होगा। ट्रंप ने इससे पहले ये आरोप लगाया था कि रूस से कच्चा तेल और हथियार लेकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भारत पुतिन के देश की मदद कर रहा है।
भारत पर पहले ट्रंप ने 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। फिर रूस से कच्चा तेल और हथियार खरीदने को वजह बताकर और 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया। इससे भारत पर 50 फीसदी टैरिफ हो चुका है। भारत ने ट्रंप के इस कदम पर अमेरिका और यूरोप को आईना दिखाया था। भारत ने कहा था कि वो राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। भारत ने आंकड़े जारी कर कहा था कि यूरोपीय देश रूस से गैस और तमाम चीजें खरीद रहे हैं। जबकि, अमेरिका भी रूस से परमाणु ऊर्जा के लिए यूरेनियम और कीटनाशक समेत कई चीजें ले रहा है। इस बारे में जब ट्रंप से न्यूज चैनल एएनआई की रिपोर्टर ने सवाल पूछा था, तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा था कि उनको इस बारे में पता नहीं है और वो जानकारी लेकर बताएंगे। इसके बाद अब तक ट्रंप ने रूस से चीजें खरीदने के बारे में कुछ नहीं कहा है।
