राज ठाकरे और एमएनएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका, जानिए किसने और किस वजह से उठाया ये कदम?
मुंबई। सुप्रीम कोर्ट से याचिका ठुकराए जाने के बाद उत्तर भारतीय विकास सेना के अध्यक्ष सुनील शुक्ला ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एमएनएस सुप्रीमो राज ठाकरे के खिलाफ केस दर्ज करने और खुद को सुरक्षा देने की मांग की है। सुनील शुक्ला ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा है कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी के लोग महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों और हिंदी बोलने वालों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं। याचिका में सुनील शुक्ला ने ये आरोप भी लगाया है कि उनको भी धमकियां दी जा रही हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में सुनील शुक्ला ने आरोप लगाया है कि बीते एक साल से उनको गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। याचिका में कहा गया है कि धमकियां मिलने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है, लेकिन नौ शिकायत देने के बावजूद पुलिस और राज्य प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। सुनील शुक्ला ने याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा है कि एक पुलिस अफसर ने उनसे हुई घंटे भर की हिंसा को देखा, लेकिन न तो बयान लिया और न ही किसी की गिरफ्तारी ही की। ये घटना अक्टूबर 2024 की है। जब सुनील शुक्ला की पार्टी के दफ्तर में कथित तौर पर राज ठाकरे के एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने घुसकर उत्पात मचाया था।
याचिका में ये भी कहा गया है कि इस साल मार्च में राज ठाकरे ने गुड़ी पाड़वा पर्व पर भाषण दिया और इसे व्यापक प्रसारित कर मॉल और बैंकों में काम करने वाले हिंदी भाषियों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया। याचिका में कहा गया है कि राज ठाकरे के इस भाषण के बाद मराठी भाषा न बोलने वालों पर कई जगह हमले किए गए। सुनील शुक्ला ने आरोप लगाया है कि उनके फोन नंबर को राज ठाकरे के एमएनएस के लोगों ने फैलाया। जिसके बाद धमकी भरे मैसेज की बाढ़ आ गई। बॉम्बे हाईकोर्ट से ये अपील की भी की गई है कि वो राज ठाकरे के एमएनएस की मान्यता खत्म करने का चुनाव आयोग को निर्देश दे। साथ ही धमकी मिलने की जांच एसआईटी या निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग भी याचिका में की गई है।
