व्लादिमिर पुतिन से बैठक के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप नहीं करा सके यूक्रेन में तत्काल शांति, अब मॉस्को में फिर होगी दोनों की मुलाकात
एंकरेज। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से बैठक कर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फिलहाल कुछ हासिल नहीं हुआ है। यूक्रेन और रूस की जंग को तत्काल रुकवाने के लिए सख्त कदम की धमकी दे रहे डोनाल्ड ट्रंप के सामने पुतिन ने अपना पक्ष रखा। पुतिन और ट्रंप में लंबी बैठक हुई। इस बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर पुतिन ने प्रेस को संबोधित किया, लेकिन मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। ट्रंप ने कहा कि बहुत सार्थक बातचीत हुई है। कई मुद्दों पर सहमति बनी है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बड़े मुद्दे हैं जिन पर एकमत नहीं हो सके। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि वो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की समेत सभी संबंधित लोगों से बात कर मीटिंग के बारे में बताएंगे। ट्रंप ने कहा कि कुछ प्रगति हुई है। जल्दी ही फिर मुलाकात की उम्मीद भी जताई।
वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा कि उनका निश्चित तौर पर मानना है कि अगर उस वक्त ट्रंप राष्ट्रपति होते, तो युद्ध नहीं होता। पुतिन ने कहा कि साल 2022 में अमेरिका की पूर्व सरकार (जो बाइडेन प्रशासन) से आखिरी बार संपर्क के दौरान उन्होंने अमेरिका के साथियों को समझाने की कोशिश की थी कि स्थिति को ऐसे हालात तक नहीं पहुंचने देना चाहिए कि लौटने का रास्ता न बचे। रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने उस वक्त सीधे तौर पर अमेरिका से कहा था कि ये बड़ी भूल है। पुतिन ने इसके साथ ही कहा कि अगली बार मॉस्को में। वहीं, ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति को बैठक के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वो अगली बैठक होते हुए देख पा रहे हैं।
खास बात ये है कि पुतिन से बैठक से पहले ट्रंप लगातार ये कह रहे थे कि अगर शुक्रवार के बाद यूक्रेन में शांति न हुई, तो वो रूस और भारत पर कार्रवाई करेंगे। पुतिन के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा। इससे लग रहा है कि रूस के राष्ट्रपति ने बैठक के दौरान ट्रंप से साफ कह दिया है कि जब तक कि सभी चिंताओं को दूर नहीं किया जाता उनका देश अमेरिका के कड़े कदमों के बावजूद पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। कुल मिलाकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पुतिन से बैठक के बाद यूक्रेन में जिस शांति स्थापना की उम्मीद थी, वो फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है।
