यूक्रेन की जंग फिलहाल न रुकने पर क्या भारत पर और टैरिफ लगाएंगे डोनाल्ड ट्रंप?, पुतिन से बातचीत के बाद ठंडे दिखे तेवर
एंकरेज। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन और रूस की जंग रुकवाने में फिलहाल नाकाम रहे हैं। ट्रंप और उनके वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से शुक्रवार को बातचीत से पहले धमकी दी थी कि अगर बैठक सफल न रही, तो भारत पर और टैरिफ लगाया जा सकता है।
पुतिन से बैठक के बाद जब ट्रंप से फॉक्स न्यूज ने पूछा कि क्या अब भारत पर और टैरिफ लगाया जाएगा? तो डोनाल्ड ट्रंप के तेवर ढीले नजर आए। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल इसकी जरूरत नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर और टैरिफ लगाने के बारे में दो-तीन हफ्ते में फैसला कर सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि आज जो हुआ, उसके बाद अभी मुझे और टैरिफ लगाने के बारे में नहीं सोचना पड़ रहा है। ट्रंप ने कहा कि बैठक बहुत अच्छी रही। हो सकता है दो-तीन हफ्ते में सोचना पड़े, लेकिन अभी नहीं। जबकि, व्लादिमिर पुतिन से बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने कहा था कि रूस ने अपने कच्चे तेल का एक ग्राहक (भारत) खो दिया है। अगर और टैरिफ लगाए जाते हैं, तो वो रूस के लिए विनाशकारी साबित होंगे। अब और ज्यादा टैरिफ न लगाने की बात ट्रंप ने कही है। जिससे लगता है कि पुतिन के यूक्रेन के प्रति रुख और चिंताओं को डोनाल्ड ट्रंप समझ गए हैं।
इससे पहले ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल और हथियार खरीदकर यूक्रेन युद्ध में मदद का आरोप लगाकर भारत पर और 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। ट्रंप की ओर से इस टैरिफ को लगाए जाने के बाद भारत ने यूरोपीय देशों के साथ ट्रंप को भी आईना दिखाया था। भारत ने कहा था कि यूरोप के देश खुद रूस से बड़ी मात्रा में गैस खरीद रहे हैं। जबकि, अमेरिका भी रूस से यूरेनियम, खाद और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले दुर्लभ खनिज खरीद रहा है। इस पर जब ट्रंप से एएनआई रिपोर्टर ने पूछा था, तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने अंजान बनते हुए कहा था कि उनको इसका पता नहीं है और वो पूछकर बताएंगे। जिसके बाद रूस से अमेरिका और यूरोपीय देशों की खरीद के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ भी नहीं कहा है।
