अहम बैठक से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर डाली रूस से युद्ध खत्म करने की जिम्मेदारी, क्रीमिया की दिलाई याद
वॉशिंगटन। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। जेलेंस्की के साथ ब्रिटेन और फ्रांस समेत तमाम यूरोपीय देशों के नेता भी ट्रंप से बैठक कर रूस से जारी युद्ध को खत्म करने के तौर-तरीकों पर चर्चा करेंगे। इस अहम बैठक से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट कर साफ कर दिया है कि यूक्रेन और रूस की जंग को खत्म कराने की जिम्मेदारी यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर 14 साल पहले यूक्रेन के क्रीमिया इलाके पर रूस के कब्जे का हवाला दिया है। ट्रंप ने लिखा है कि उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा ने भी एक भी गोली नहीं चलवाई थी।
ट्रंप ने इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को अलास्का के एंकरेज बुलाकर यूक्रेन से युद्ध खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की थी, लेकिन इसमें वो नाकाम रहे थे। उधर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बीते दिन एक न्यूज चैनल से इंटरव्यू में ये साफ कर दिया कि युद्ध खत्म करने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों को ही कुछ न कुछ गंवाना पड़ेगा। ऐसे में अब सबकी नजर इस पर है कि डोनाल्ड ट्रंप से बात करने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और अन्य देशों के नेता युद्ध खत्म करने के लिए अहम मसलों पर राजी होते हैं या नहीं। इसकी वजह ये है कि जेलेंस्की ने साफ कहा है कि वो यूक्रेन की कोई जमीन रूस को नहीं देंगे। जबकि, सूत्रों के हवाले से ये खबर आई थी कि पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन डोनबास का इलाका खाली कर दे। फिर रूस की सेना जहां है, वहीं रुकी रहेगी। कुल मिलाकर यूक्रेन की 20 फीसदी जमीन को रूस की सेना कब्जे में किए बैठी है।
वहीं, यूक्रेन और रूस की जंग खत्म कराने के लिए डोनाल्ड ट्रंप भी एक खास वजह से कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद दुनिया के छह युद्धों को खत्म कराया है। दरअसल, ट्रंप चाहते हैं कि उनको नोबेल शांति पुरस्कार मिल जाए। इस पुरस्कार के लिए उनको पाकिस्तान, इजरायल और आर्मेनिया ने नामित भी किया है। फिर भी रूस और यूक्रेन की साढ़े तीन साल से चल रही जंग अगर खत्म हुई, तो ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार पर दावा और मजबूत हो सकता है। ट्रंप ने इससे पहले जेलेंस्की को बुलाकर उन पर युद्ध खत्म करने के लिए दबाव बनाने की भी कोशिश की थी, लेकिन जेलेंस्की ने टका सा जवाब दे दिया था। उस वक्त जेलेंस्की के रुख से यूरोपीय देशों ने भी सहमति जताई थी। ऐसे में देखना है कि ट्रंप आज बैठक में जेलेंस्की और यूरोपीय देशों के प्रमुखों को मना पाते हैं या नहीं।
