उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग में बादल फटा, भारी नुकसान, राहत का काम जारी, डराने वाले हालात
नई दिल्ली। उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं लगातार हो रही हैं। दो जगह बादल फटने की खबर आ रही है। चमोली और रुद्रप्रयाग में बादल फट गया है। चमोली के तहसील देवाल के मोपाटा गांव में हुई इस घटना की वजह से भारी नुकसान पहुंचा है। कई मकान और मवेशी मलबे में दब गए जबकि दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारी बारिश के कारण जिले में सड़के बंद हैं। राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव के काम में जुटे हुए हैं। उधर रुद्रप्रयाग में भी डराने वाले हालात हैं। अलकनंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है।
अलकनंदा और मंदाकिनी के संगम पर जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। नदी के पास बने घरों में तक पानी पहुंचने लगा है। जबकि केदारघाटी के लवारा गांव में एक पुल नदी के तेज बहाव के चलते बह गया जिससे वहां आवागमन बाधित हो गया है। सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रबंध प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली और रुद्रप्रयाग की घटनाओं का संज्ञान लिया है। सीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है।
सीएम ने बताया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, इस संबंध में निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हूं। आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं। आपको बता दें कि अभी हाल ही में धराली में बादल फटने की वजह से भारी तबाही हुई जिसमें 60 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और कई अन्य अभी भी लापता हैं।
