नकल जिहाद को मिट्टी में मिला देंगे, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कड़े शब्दों में दी चेतावनी
नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में नकल माफियाओं, कोचिंग माफियाओं और पेपर लीक गिरोह में शामिल लोगों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। सीएम ने कहा कि आज हमारे युवा नौकरियों के अवसर पा रहे हैं इसलिए युवाओं के भविष्य को अंधकार में ढकेलने के लिए संगठित होकर पेपर लीक के षडयंत्र रचे जा रहे हैं। कोचिंग माफिया और नकल माफिया एक होकर राज्य में नकल जिहाद छेड़ने का प्रयास कर रहे हैं। नकल जिहाद के प्रयास को राज्य में कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा। नकल जिहाद को जब तक मिट्टी में नहीं मिला देंगे तब तक चैन नहीं लेंगे।
धामी बोले, नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए हमने प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। जिसके परिणाम स्वरूप पिछले चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान करने में हमें सफलता मिली है। इस कानून के लागू होने के बाद साल 2022 से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। लेकिन कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है। प्रदेश में अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है। मैं सभी नकल माफियाओं, जिहादियों को बता देना चाहता हूं कि हमारी सरकार नकल माफियाओं को मिट्टी में मिलाकर ही दम लेगी।
सीएम धामी के इस बयान को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वन इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। 22 सितंबर को पेपर शुरू होने के लगभग आधे घंटे बाद हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से अभ्यर्थी शाहिद मलिक ने कथित तौर पर पेपर के स्क्रीनशॉट अपनी बहन सदिया को भेजे और उसे उसने प्रोफेसर सुमन तक पहुंचाया। बाद में जब यह मामला संज्ञान में आया तो पुलिस ने शाहिद मलिक और उसकी बहन सदिया को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
