April 19, 2026

Hind foucs news

hindi new update

भारत के लिए चीन से आई अच्छी खबर, पड़ोसी देश अब मेडिसिन पर नहीं लेगा आयात शुल्क

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश में बनी ब्रांडेड दवाइयों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप के इस कदम के बाद भारत से वहां दवाइयों के निर्यात पर असर पड़ता दिख रहा था। वहीं, अब खबर है कि चीन ने भारत में बनी दवाइयों पर 30 फीसदी आयात शुल्क को पूरी तरह खत्म कर दिया है। 1 अक्टूबर 2025 से भारत से चीन को निर्यात होने वाली दवाइयों पर कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। इससे अगर अमेरिका में भारत की दवाइयों को बेचने में दिक्कत आती है, तो चीन से इसकी भरपाई हो जाएगी। चीन की ओर से आयात शुल्क को खत्म किए जाने से पड़ोसी देश को भारत से ज्यादा दवा निर्यात हो सकता है। नतीजे में भारत की दवा बनाने वाली कंपनियों का फायदा बढ़ सकता है।

भारत को दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है। इसकी वजह है कि भारत में काफी दवाइयां बनती हैं। इनमें से बहुत सारी जेनरिक होती हैं। अमेरिका को भारत से ब्रांडेड दवा कम ही निर्यात होती है। अमेरिका को भारत से ज्यादातर जेनरिक दवा भेजी जाती है। हालांकि, ब्रांडेड दवा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले से भारत की कई नामचीन दवा निर्माता कंपनियों के लिए दिक्कत पैदा होने के आसार हैं। वित्त वर्ष 2024-2025 में भारत ने अमेरिका को 77000 करोड़ रुपए कीमत की दवा भेजी थी। वहीं, दुनियाभर में भारत ने 2.5 लाख करोड़ रुपए कीमत की दवा निर्यात की थी। इस साल की बात करें, तो छह महीने में 32505 करोड़ की दवा अमेरिका को भारतीय कंपनियां निर्यात कर चुकी हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड दवा पर टैरिफ लगाने के साथ ही किचन कैबिनेट, बाथरूम वैनिटी, भारी ट्रकों और गद्दे वाले फर्नीचर पर भी टैरिफ लगाया है। पहले से ही ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा रखा है। इस वजह से भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाली तमाम चीजें ट्रंप के देश में महंगी हुई हैं। इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने के पूरे आसार हैं। दरअसल, ट्रंप चाहते हैं कि भारत अपने बाजार को अमेरिका के लिए पूरी तरह खोल दे। ताकि वो यहां खाद्य पदार्थ और डेयरी उत्पाद भी बेच सकें। भारत ने इससे साफ इनकार किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक तौर पर एलान कर रखा है कि उनकी सरकार भारत के किसानों, डेयरी उद्योग और मछुआरों के साथ ही सर्विस सेक्टर का अहित नहीं होने देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *