संभल के रायाबुजुर्ग गांव की मस्जिद कमेटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका, बुलडोजर एक्शन के खिलाफ याचिका खारिज
प्रयागराज। यूपी के संभल जिले के रायाबुजुर्ग गांव स्थित मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ मस्जिद इंतजामिया कमेटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। मस्जिद इंतजामिया कमेटी की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। आरोप है कि तालाब की जमीन पर कब्जा कर मस्जिद बनाई गई। इस वजह से संभल जिला प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। बुलडोजर पहुंचने के बाद मस्जिद इंतजामिया कमेटी और लोग खुद ही मस्जिद ध्वस्त करने लगे थे। उन्होंने अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद ध्वस्त करने के लिए 4 दिन का वक्त मांगा था। प्रशासन ने इस पर बुलडोजर एक्शन रोक दिया था।
संभल प्रशासन की ओर से बुलडोजर एक्शन रोके जाने के बाद रायाबुजुर्ग की मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इसे ध्वस्त न किए जाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दी थी। जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश पाठक की बेंच ने शुक्रवार को सवा घंटे सुनवाई की थी। कोर्ट ने इस मामले में दस्तावेज जमा करने के लिए कहा था। मस्जिद शरीफ गोसुलबारा रायाबुजुर्ग और मस्जिद के मुतवल्ली की ओर से दाखिल याचिका में दलील दी गई थी कि मैरिज हॉल को बुलडोजर से गिरा दिया गया। याचिका में ये भी कहा गया था कि ध्वस्तीकरण के लिए 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और दशहरे का दिन चुना गया। याचिका में ये भी कहा गया कि ध्वस्तीकरण के दौरान भीड़ की वजह से हादसा या बवाल भी हो सकता था।
वहीं, संभल प्रशासन ने मस्जिद कमेटी को 30 दिन पहले ही अवैध ढांचा हटाने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। संभल प्रशासन के मुताबिक मस्जिद और मैरिज हॉल तालाब की जमीन पर बनाया गया। मस्जिद कमेटी ने 4 दिन का वक्त मांगा था और बाउंड्री वॉल का कुछ हिस्सा गिराया भी गया था। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद मस्जिद कमेटी के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का ही रास्ता रह गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट पहले ही ये कह चुका है कि अवैध कब्जों को हटाने के लिए किसी भी राज्य की सरकार बुलडोजर एक्शन कर सकती है।
