पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से लगे 9 जिलों में वोटरों की तादाद में जबरदस्त बढ़ोतरी, एक जिले में तो 105 फीसदी की उछाल
कोलकाता। चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में भी वोटरों का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर करा रहा है। इस एसआईआर के दौरान एक बड़ी जानकारी सामने आई है। अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 2002 से 2025 यानी 23 साल में वोटरों की तादाद में 66 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साल 2002 में पश्चिम बंगाल में 4.58 करोड़ वोटर थे। अब इनकी संख्या 7.63 करोड़ है। खास बात ये भी है कि पश्चिम बंगाल के जिन 10 जिलों में वोटर बढ़े, उनमें से 9 बांग्लादेश की सीमा से लगे हुए हैं। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी कह रही है कि बांग्लादेश से हिंदू चीन नहीं गए और यहां आए हैं। वहीं, बीजेपी इसे बांग्लादेशी मुस्लिमों और रोहिंग्या की घुसपैठ मानती है।
अखबार के मुताबिक बांग्लादेश से जुड़े पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में वोटरों की संख्या में 105.49 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। मालदा में 94.58 फीसदी वोटर बढ़े हैं। मुर्शिदाबाद में 87.64 फीसदी वोटर बढ़े, दक्षिण 24 परगना में वोटरों की तादाद 83.30 फीसदी बढ़ी है। जलपाईगुड़ी जिले में 82.3 फीसदी वोटर बढ़े हैं। कूचबिहार जिले में 76.52 फीसदी वोटरों की बढ़त हुई है। उत्तर 24 परगना में वोटरों की तादाद 72.18 फीसदी बढ़ी है। नदिया में 71.46 फीसदी वोटर बढ़े हैं। दक्षिण दिनाजपुर में वोटरों की तादाद में 71.46 फीसदी का इजाफा देखा गया है। जबकि, बीरभूम जिले में 73.44 फीसदी वोटर बढ़े हैं। इन जिलों में से सिर्फ बीरभूम जिला ही पश्चिम बंगाल की सीमा पर नहीं है।
पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी लगातार एसआईआर का विरोध कर रही हैं। ममता बनर्जी 25 नवंबर को एसआईआर के खिलाफ उत्तर 24 परगना के बनगांव में रैली भी करने वाली हैं। ममता बनर्जी ने कई बीएलओ की मौत को मुद्दा बनाते हुए चुनाव आयोग को एसआईआर रोकने के लिए चिट्ठी भी भेजी है। इससे पहले ममता बनर्जी ये एलान कर चुकी हैं कि एसआईआर में अगर एक भी वोटर का नाम कटा, तो वो बड़ा आंदोलन करेंगी। बीजेपी ने इसे धमकी बताया था। इसके बाद अब ममता बनर्जी ने चिट्ठी भेजने और रैली करने का तरीका अपनाया है।
