डीजीसीए ने इंडिगो को दिया बड़ा निर्देश, पाकिस्तान के मददगार तुर्की से लीज पर लिए गए विमानों को हटाना होगा
नई दिल्ली। इंडिगो से जुड़ी बड़ी खबर है। विमान यातायात संबंधी नियामक डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने इंडिगो एयरलाइंस से कहा है कि वो 31 मार्च 2026 के बाद तुर्की से वेट लीज पर लिए गए 5 विमान नहीं उड़ा सकेगा। डीजीसीए ने इससे पहले इंडिगो के पास मौजूद तुर्की के विमानों को इस्तेमाल की समयसीमा तीन महीने बढ़ाई थी। जिसके बाद समयसीमा को और बढ़ाकर 31 मार्च 2026 किया गया था। इंडिगो ने डीजीसीए को भरोसा दिलाया था कि फरवरी 2026 में उसके अपने विमान आ जाएंगे। जिसके बाद वो तुर्की से वेट लीज पर लिए विमानों को लौटा देगा।
तुर्की से वेट लीज पर विमान लेकर उड़ानें भरने के कारण इंडिगो पर सवाल खड़े होते रहे हैं। इसकी वजह ये है कि तुर्की ने हमेशा भारत का विरोध करते हुए पाकिस्तान की मदद की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी तुर्की ने पाकिस्तान को हथियार बेचे थे। तुर्की के इन हथियारों का इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ किया था, लेकिन कोई नुकसान पहुंचाने में पाकिस्तान नाकाम रहा था। ऐसे में उसी वक्त इंडिगो के पास तुर्की के विमान होने का मसला गर्माया था। डीजीसीए ने उस वक्त इंडिगो से कहा था कि वो लीज पर लिए गए तुर्की के विमानों को उड़ाना बंद करे। इंडिगो की ओर से समयसीमा बढ़ाने की मांग पर उसे डीजीसीए ने मोहलत दी थी।
इंडिगो के अलावा भारत की अन्य एयरलाइंस भी लीज पर विमान लेकर उड़ानें संचालित करती हैं। इसकी वजह विमानों और स्पेयर पार्ट्स की कमी है। इंडिगो के पास तुर्की से लीज पर लिए गए जो विमान हैं, वे बोइंग कंपनी के बने 737 मैक्स हैं। नैरो बॉडी वाले इन विमानों को छोड़ इंडिगो एयरलाइंस के पास सभी एयरबस विमान हैं। इंडिगो ने एयरबस को नए विमानों का ऑर्डर दे रखा है। जिनकी आपूर्ति 2026 से शुरू होनी है। अगर ये विमान वक्त पर इंडिगो के पास नहीं पहुंचे, तो 5 कम विमान के कारण उसकी उड़ानों की संख्या पर भी असर पड़ सकता है।
