ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन हुआ विकराल, 111 शहरों में फैला, इंटरनेट बंद
नई दिल्ली। ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन ने अब विकराल रूप ले लिया है। राजधानी तेहरान समेत 111 शहरों में विरोध प्रदर्शन फैल गया है। प्रदर्शनकारियों ने बहुत सी सड़कों को ब्लॉक कर दिया और कई जगहों पर आगजनी की है। कुछ सरकारी इमारतों को भी आग के हवाले कर दिया गया है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें भी हुई हैं। हालात के मद्देनजर देशव्यापी इंटरनेट पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को धमकी दी है। वहीं ईरान की सरकारी का कहना है कि इस पूरी घटना के पीछे अमेरिका और इजरायल से जुड़े ‘आतंकी एजेंटों’ का हाथ है।
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी फार्स प्रांत के कुहचेनर में प्रदर्शनकारियों ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व विदेशी अभियान कमांडर कासिम सुलेमानी की प्रतिमा को गिरा दिया है। कासिम सुलेमानी की 3 जनवरी 2020 को अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने ‘खामेनेई को मौत’ और ‘इस्लामिक रिपब्लिक का अंत’ जैसे नारे लगाए। वहीं ईरान के विपक्षी नेता और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, लाखों ईरानी अपनी आजादी की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए हैं।
उन्होंने कहा, मैं प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को इस बात के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने सरकार को जवाबदेह ठहराने के अपने वादे को दोहराया है। अब समय आ गया है कि यूरोपियन लीडर्स समेत दूसरे लोग भी उनकी बात मानें और ईरान के लोगों का समर्थन करें। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी कर कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक की सरकार बहुत बुरी स्थिति में है। ईरान 150 साल पीछे जा चुका है। अगर ईरान की सरकार ने निहत्थे लोगों को मारने का क्रम जारी रखा तो अमेरिका पूरी ताकत से हमला करेगा।
