February 25, 2026

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घर में पालतू कुत्ता है तो इस खबर को ध्यान से पढ़ लीजिए, Pet के चाटने की वजह से ब्रिटेन की महिला को हाथ और पैर कटवाने पड़े!

नई दिल्ली। आजकल घरों में लोग कुत्ता पालते हैं। कुत्ता पालने वालों के मुताबिक उनका Pet घर के सदस्य की तरह होता है। कुत्ता वफादार भी होता है। साथ ही पशु प्रेमियों का कहना है कि घर में कुत्ता पालने वाले तमाम तरह के तनाव से दूर रहते हैं। वैसे सड़क के आवारा कुत्ते तो खतरनाक होते हैं, लेकिन पालतू कुत्तों से लोग खतरा नहीं महसूस करते। कुत्तों को गोद में लेना, उनको घुमाना लोगों को अच्छा लगता है। इंसान से प्यार दिखाने के लिए कुत्ते उनको चाटते भी हैं, लेकिन हाल में हुई घटना ने कुत्तों के चाटने से होने वाले खतरे की तरफ आगाह भी किया है। मामला ब्रिटेन का है। जहां पालतू कुत्ते के चाटने से एक महिला की जान पर बन आई।

ब्रिटेन में रहने वाली इस महिला का नाम मनजीत संघा है। मनजीत की उम्र 52 साल है। जुलाई 2025 में मनजीत संघा काम से घर लौटीं। उनकी तबीयत कुछ खराब थी। अगले ही दिन मनजीत संघा के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए और वो बेहोश हो गईं। मनजीत को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि मनजीत को सेप्सिस नाम की खतरनाक बीमारी हुई है। सेप्सिस का इन्फेक्शन जानलेवा होता है। मनजीत संघा की हालत इतनी खराब हुई कि उनको छह बार कार्डियक अरेस्ट भी हुआ। मनजीत की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उनके दोनों हाथ और पैर काटने पड़े।

आखिर मनजीत संघा को सेप्सिस नाम की जानलेवा बीमारी कैसे हुई? ब्रिटेन के अस्पताल में डॉक्टरों ने इसकी पड़ताल की। डॉक्टरों की पड़ताल में पता चला कि मनजीत संघा के जिस्म पर कोई खरोंच थी। उस खरोंच को मनजीत के पालतू कुत्ते ने चाटा था। कुत्तों की लार में कैपननोसाइटोफेगा कैनिमोरसस बैक्टीरिया होता है। कुत्ते के चाटने से खरोंच से होकर बैक्टीरिया शरीर में पहुंच गया। जिसकी वजह से मनजीत संघा को सेप्सिस नाम की जानलेवा स्थिति से गुजरना पड़ा। पालतू कुत्ते का प्यार मनजीत को बहुत महंगा पड़ा है। अब उनको बाकी जीवन बिना हाथों और पैरों के गुजारना पड़ेगा। बता दें कि सेप्सिस में शरीर की प्रतिरोधी क्षमता किसी इन्फेक्शन को खत्म करने के लिए बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया करती है। जिससे स्वस्थ अंग भी नष्ट होने लगते हैं। जिससे मरीज को शॉक लगता है और मल्टी ऑर्गन फेल्योर से उसकी जान चली जाती है। मनजीत संघा किस्मत की धनी थीं कि उनकी जान बच गई।

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